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पत्रकारिता के इस दौर में सभी जल्दबाजी में है लेकिन भारतीय मीडिया चैनलों में ये रेस लगी हुई है कि सबसे पहले नफरत कौन फैलाएगा।

इस जल्दबाजी की रेस में मीडिया चैनल ख़बरों की हकीकत जानने में पीछे रह जाते हैं और गलत खबर दर्शकों तक पहुंचा देते हैं।

ताजा मामला न्यूज़ चैनल आजतक का है जिसका टैग लाइन ही ‘सबसे तेज’ है। आजतक की वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने अपने डिबेट शो में एक फ़र्ज़ी खबर चला दी, जिससे उन्होंने खुद ही अपने आप को सवालों के घेरे में डाल लिया।

दरअसल ‘टाइम्स हाउ’ नाम के एक पैरोडी(फेक) अकाउंट ने एक ट्वीट डाली जिसमे उन्होंने मौलाना आतिफ क़ादरी के बारे में लिखते हुए कहा कि, उन्होंने ऐसा कहा है कि प्रिया प्रकाश के वायरल वीडियो के बाद जब भी वो या उनके मुसलमान भाई नमाज़ अदा करने के लिए आंखे बंद करते हैं, तो उन्हें अल्लाह की जगह प्रिया प्रकाश का चेहरा नज़र आता है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाए आहात हो रही हैं, इसीलिए वो प्रिया प्रकाश के खिलाफ फत्वाह जारी कर रहें हैं।”

आजतक की एंकर ने इसी फेक ट्वीट को बिना किसी जांच पड़ताल के सीधा उठा कर इसपर शो कर दिया। यहां तक की एंकर ने शो का टीज़र भी शेयर करते हुए ट्वीट किया कि, “मौलाना कादरी का गुस्सा इस बात पर है कि नमाज़ के लिए आंखे बंद करने पर उन्हें इस लड़की का चेहरा दीखता है।” उन्होंने भड़कते हुए अंदाज़ में लिखा कि, “वेकुम क्लीनर लाना जरा।”

‘फेक खबर’ पर बहस करने वाला सबसे तेज चैनल बना आजतक, एंकर ‘अंजना ओम कश्यप’ ने फेक ट्वीट पर पूरे 1 घंटे बहस की

फिर जब उन्होंने शाम 6 बजे इस फेक न्यूज़ पर शो शुरू किया तो उन्होंने कुछ इस अंदाज़ में शुरुवात कि, “ये आज की सदी का हिंदुस्तान है, एक 18 साल की लड़की रातो रात पूरी दुनिया में छा गयी, दीवानगी का असर ये होता है की करोड़ो लोग वीडियो शेयर कर लेते हैं।

लेकिन इस बीच कुछ लोगों को ये गवारा नहीं और वो इसके खिलाफ पुलिस में शिकायत करा देते हैं। चेतावनी जारी कर देते हैं। बात कर रहे प्रिया वरियर की जिसके बारे में कुछ मौलानाओं को आपत्ति है कि उसके गाने से इस्लाम का अपमान हुआ है।”

अब उन्होंने उस फेक ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा, “मौलाना क़ादरी ये कह रहे हैं कि जब वो नमाज़ के लिए आंखें बन्द करते हैं तो उन्हें प्रिया वरियर दिख रही हैं।”

जी हां यह आज की सदी की हिन्दुस्तानी पत्रकार है जो बिना किसी जांच पड़ताल के एक गलत न्यूज़ को लाखों करोड़ो लोगों के सामने रख रहीं हैं। ऐसे में पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

बता दें न्यूज़ चैनल आजतक ने 2017 में सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज़ चैनल का अवार्ड भी जीता था। ऐसे में संस्थान द्वारा ये एक बड़ी लापरवाही है।

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