उत्तर प्रदेश में एक और फेक एनकाउंटर का संगीन मामला सामने आया है। यूपी पुलिस झांसी एनकाउंटर को लेकर कटघरे में आ गई है। कहा जा रहा है कि झांसी में पुलिस ने पुष्पेंद्र यादव (Pushpendra Yadav) को इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने पुलिस को वसूली देने से इनकार कर दिया था।

समाजवादी पार्टी के कई नेताओं सहित यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस एनकाउंटर को फेक बताया है। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने पुलिस एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेंद्र यादव के परिजनों से मिलने का फैसला किया है। वह 9 अक्टूबर को पुष्पेंद्र के परिजनों से मिलने झांसी के करगुआ खुर्द जाएंगे।

वहीं योगी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने खुलकर इस एनकाउंटर का समर्थन किया है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने एनकाउंटर में मृतक पुष्पेन्द्र की ‘यादव जाति’ देख कर अखिलेश के झाँसी जाने के फैसले को जातिवादी बताया है। उन्होंने कहा कि, “अखिलेश यादव का झाँसी में एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेन्द्र यादव के घर जाना खनन माफिया एवं जातिवाद के प्रति उनका लगाव ही है।”

हालाँकि यूपी पुलिस द्वारा एक और फेक एनकाउंटर की घटना को अंजाम देने के बाद हो रही किरकरी से योगी सरकार का कहना है कि, “प्रितक पुष्पेन्द्र यादव खनन माफिया था। पुष्पेन्द्र के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई जिसमें पुलिस ने उसे गोली मार दी।” इसीलिए सिद्धार्थ नाथ ने कहा, एक माफिया जो एक प्रभारी इंस्पेक्टर को गोली मार दे और दोनों तरफ से गोली चलने के बाद मारा जाए उसके लिए सहानुभूति रखना अखिलेश यादव की सोच को दर्शाता है।

इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय ने सिद्धार्थ नाथ सिंह पर तीखा हमला करते हुए कहा कि, “अपराधिक इतिहास वाले ठोंक दो बाबा से शुरू मलिशानंद बाबा के शरण में रहने वाले सेंगर के संरक्षक, अखिलेश यादव पर ऊँगली उठाने से पहले अपराधियों की सरकार से बाहर आओ। अपराधी जब काबू में नहीं आते तो निर्दोषों की हत्या करवा के अपराधी बोलते हुए शर्म नहीं आती?”

बता दें कि दो साल पहले दिल्ली से सटे नोएडा में जीतेन्द्र यादव नाम के एक जिम चलाने वाले शख्स का यूपी पुलिस ने फेक एनकाउंटर कर दिया था। जब पुलिस ने जीतेन्द्र यादव एनकाउंटर किया था तब वो अपनी बहन की शादी से लौट रहे थे।