पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कोलकता में एनआरसी के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने कहा कि एनआरसी की अंतिम सूची से 19 लाख लोगों को बाहर कर दिया गया, जिसमें हिंदू, मुसलमान और बौद्ध सभी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 76 साल बाद भी हमें अपनी पहचान साबित करनी पड़ रही है। क्यों?

ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने जिस तरह असम में अपनी पुलिस का इस्तेमाल कर लोगों की आवाज दबाई, वैसा यहां बंगाल में नहीं कर पाओगे। अचानक आप हमें (तृणमूल कांग्रेस) धर्म पर ज्ञान दे रहे हैं, जैसे हम ईद, दुर्गा पूजा, मुहर्रम और छठ पूजा मनाते ही ना हों।

इससे पहले केंद्रीय कपड़ा एवं महिला व बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) का विरोध करने पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा था। जिसमें उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार देश के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

ईरानी ने कहा था कि अवैध घुसपैठ से कानून के मुताबिक निपटा जाएगा। उन्होंने कहा था कि ‘एक भी भारतीय नहीं छूटेगा। हम देश के नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

बता दें कि असम की एनआरसी की फाइनल लिस्ट 31 अगस्त को जारी हुई थी। इस लिस्‍ट में 19 लाख लोग अपनी जगह नहीं बना पाए हैं। एनआरसी की इस लिस्ट में कुल 3,11,21,004 लोग इस लिस्‍ट में जगह बनाने में सफल हो पाए थे। वहीं एनआरसी की फाइनल लिस्‍ट से 19,06,657 लोग बाहर हो गए हैं।

इससे पहले जब ये लिस्ट सामने आई थी तब सेना के पूर्व अधिकारी तक 40।7 लाख लोगों को इससे बाहर रखा गया था, जिस पर काफी विवाद हुआ था।