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सपा बसपा गठबंधन के दो दिन बाद राजद नेता तेजस्वी यादव सीधे बिहार से लखनऊ बसपा प्रमुख मायावती ने मिलने पहुँच गए। जहां वो मायावती सरीखी नेता से मिलने का मौंका नहीं गंवाना चाहते थे।

उन्होंने कहा कि मेरे पिता लालू प्रसाद यादव ने हमेशा से मायावती जी और अखिलेश जी के दल का गठबंधन चाहा है।

दरअसल बसपा और सपा ने यूपी में 80 सीटों में से 76 लोकसभा सीटों पर गठबंधन करते हुए बीजेपी को कड़ी टक्कर देने की बात कही। वहीँ इस गठबंधन पर तेजस्वी यादव ने बिना देरी करते हुए कहा था कि अब बिहार और यूपी में बीजेपी की हार तय हो गई है।

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इसके बाद तेजस्वी यादव सीधे मायावती से मिलने उनके घर पहुँच गए। जहां तेजस्वी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी देश भर में ‘नागपुर का कानून’ लागू करना चाहती है।

उन्होंने कहा कि जनता ने मायावती और अखिलेश की ओर से लिए गए फैसले का जनता ने स्वागत किया है। आज ऐसा माहौल है जहां वह बाबा साहब के संविधान को खत्म कर नागपुर का कानून लागू करना चाहते हैं।

विपक्ष बनाम मोदी पर बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि हम मोदी जी को नहीं हराना चाहते, हमारी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है। यह विचारधारा की लड़ाई है। हमने हमेशा से बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। हम अपने देश के लिए काम करना चाहते हैं और देश का संविधान बचाना चाहते हैं।

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अपने पिता याद करते हुए तेजस्वी ने कहा कि लालू जी आज जेल में हैं क्योंकि उन्होंने कभी बीजेपी के खिलाफ झुकना पसंद नहीं किया। यहां तक कि मुझे भी नहीं बख्शा गया और मैं जब बच्चा था उस वक्त मुझ पर मामला दायर कर दिया गया। मेरे नीतीश चाचा का भी इसमें हाथ है।