‘युवाओं के रोज़गार पर बजट ख़ामोश, किसान की आय दोगुना करने की तैयारी पर बजट ख़ामोश, व्यापारियों, कर्मचारियों को टैक्स में राहत देने पर बजट ख़ामोश, टैक्स का अतिरिक्त भार और सरकारी कम्पनियों को बेचने की तैयारी करने वाला बजट, फिर भी आप सब रहिये ख़ामोश, 35 करोड़ LED बल्ब मिल गया न उजाला है।’

ऐसा कहना है आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह का जिन्होंने मोदी सरकार के आम बजट को एक कन्फ्यूज्ड बजट बताया है। उन्होंने ये भी कहा कि इस बजट में किसी के लिए कुछ भी स्पष्ट नहीं है, किसान, महिला युवा, सब को इस बजट से झटका लगा है।

दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने भाषण में बताया कि हमारा लक्ष्य रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का है। हमारी सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य जल रास्ते को बढ़ावा देना है। साथ ही वन नेशन, वन ग्रिड के लिए हम आगे बढ़ रहे हैं, जिसका ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है।

इसके बाद उन्होंने ये भी ऐलान किया कि सरकार रेलवे में निजी भागेदारी को बढ़ाने पर जोर दे रही है। रेलवे के विकास के लिए PPP मॉडल को लागू किया जाएगा। रेल ढांचे में विकास के लिए 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है।

हमेशा की तरह बजट में विपक्ष को कई कमियां नज़र आ रही है। जिनमें रेलवे के निजीकरण की बात मुख्य है। ऐसे में देखना ये होगा की आने वाले दिनों में सरकार किस तरह से सबसे बड़ी सरकारी संस्थान को निजी हाथों में सौपती है। क्योंकि इसे लेकर पहले ही कुछ फैसले लिए जा चुके है जिसमें कुछ रूट पर रेलवे को निजी कंपनी संचालित करेगी।