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सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील के मामले पर मोदी सरकार ने टाइपिंग एरर बताते हुए कोर्ट के फैसले में उस पैराग्राफ में संशोधन की मांग की थी जिसमें नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) रिपोर्ट और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) का जिक्र है।

फैसले में कहा गया था कि फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीदारी में किसी तरह की अनियमितता नहीं हुई।

इस मामले पर अब आप सांसद संजय सिंह एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाख़िल करने जा रहें है।

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सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, राफ़ेल मामले में CAG और PAC के सम्बंध में ग़लत रिपोर्ट दाख़िल करके मोदी सरकार ने फ़ैसला अपने पक्ष में लिया सभी तथ्यों के साथ आज सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाख़िल कर रहा हूँ।

गौरतलब हो कि कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उसके सामने रखे गए साक्ष्य से पता चलता है कि केंद्र ने राफेल लड़ाकू विमान पर मूल्य के विवरणों का संसद में खुलासा नहीं किया, लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के सामने इसे उजागर किया गया।

जिसपर विपक्षी दलों ने कहा था कि मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में झूठ बोला है क्योंकि कैग रिपोर्ट अब तक पीएसी में आई ही नहीं है। ऐसे में सरकार मामले को स्पष्ट करने के लिए दोबारा शीर्ष अदालत पहुंच गई है।

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राफेल सौदे पर मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी। कोर्ट ने भारत और फ्रांस के बीच 23 सितंबर 2016 को हुए राफेल विमान सौदे के खिलाफ दायर जांच संबंधी सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।

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