लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण में चंदौली लोकसभा सीट से जबरदस्त धांधली सामने आ रही है। पहले चुनाव से एक रात पहले दलित बस्ती में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा गांववालों की उंगली पर स्याही लगा दी गई फिर ऊपर से उन्हें 500-500 रुपए बांटे गए। ये सब इसीलिए किया गया क्योंकि, दलित वोट न दे पाएं।

दूसरा मामला भी इसी तरह का है। चंदौली की मुगलसराय विधानसभा की बूथ संख्या 334, 335 और 336 की वोटरलिस्ट में मुस्लिम मतदाताओं के लगभग 300 नामों पर ‘डिलीटेड’ की मुहर लगी हुई है।

यही मुस्लिम वोटरों को वोटर लिस्ट से नाम काट दिया गया है, ताकि वो मतदान न कर पाएं। समाजवादी पार्टी ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की है।

लेकिन जिस तरीके से भाजपा नेता और कार्यकर्ता चुनाव जीतने के लिए हर उस गलत काम को कर रहे हैं जिसको लोकतंत्र की हत्या कहा जा सकता है। इन सबके बावजूद चुनाव आयोग चुप बैठा हुआ है। वहीं मीडिया में इन घटनाओं का जिक्र तक नहीं है। मानों इस अनैतिक काम में मीडिया भी साथ दे रहा हो।

चंदौलीः दलितों को वोट देने से रोकने के लिए BJP कार्यकर्ताओं ने उनकी उंगलियों पर लगाई स्याही

बता दें कि बता दें कि चंदौली लोकसभा सीट से यूपी BJP अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्रनाथ पाण्डेय उम्मीदवार हैं। तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में ये सामने आ चूका है कि महेंद्रनाथ पाण्डेय इस बार चंदौली से चुनाव हार रहे हैं। शायद इसीलिए इस तरह से बीजेपी के नेता दलितों और मुसलमानों के वोट काट कर उन्हें चुनाव में जीत दिलाना चाहते हैं।