बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव की उन्हें पीएम की गद्दी पर देखने वाली बात पर मुहर लगा दी है। मायावती ने कहा कि वो मोदी से बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगी। उन्होंने देश की कमान सँभालने की इच्छा ज़ाहिर की है। चुनाव के दौरान ये पहली बार है जब मायावती ने खुलकर इस विषय पर चुप्पी तोड़ी।

मायावती ने अपनी तुलना मोदी के शासन से की। उन्होंने कहा, ‘मै चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही हूं। मैंने लखनऊ के लिए सराहनीय काम किया। मेरी छवि एक साफ़-सुथरे नेता की है। अपने कार्यकाल के दौरान मैंने कानून व्यवस्था को बनाए रखा। मेरे कार्यालय मे यूपी विकास के पथ पर आगे बढ़ा।

नरेन्द्र मोदी भी कई साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। लेकिन उनके कार्यकाल में राज्य सांप्रदायिक दंगों का गवाह बना। ये देश के इतिहास में काला धब्बा है। वह राजधर्म निभाने में असफल रहे हैं। न ही वो सीएम पद के लिए फिट हैं न ही पीएम पद के लिए।’

मोदी को जितवाने के लिए दी जा रही लालच-धमकी, EC की नज़र बंगाल की तरह वाराणसी पर क्यों नहीं?

पीएम मोदी द्वारा उन्हें ‘दौलत की बेटी’ कहे जाने वाले बयान पर मायावती ने पलटवार किया। मायावती ने कहा, ‘उनके इस तरह के बयान उनकी दलित विरोधी सोच के गवाह हैं। वो नहीं चाहते कि दलित समुदाय का विकास हो। पूरा देश जानता है सबसे ज्यादा भ्रष्ट लोग बीजेपी में भरे हुए हैं।’

लोकसभा चुनाव का आखिरी चरण 19 मई को खत्म हो जाएगा। इससे ठीक पहले मायावती ने प्रधानमंत्री बनने की इचा व्यक्त की है। एनसीपी चीफ शरद पवार और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पीएम पद के लिए मायावती को उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं।

शरद पवार ने मायावती और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पीएम पद के लिए बेहतर विकल्प बताया था। वही अखिलेश ने कहा कि मैं उन्हें देश का प्रेअधान्मंत्री बनते देख खुश हूंगा और वो मुझे उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री देख खुश होंगी। बता दें उत्तर प्रदेश में बसपा और सपा गठबंधन में लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव के नतीजे 23 मई को घोषित होंगे।