झारखंड में भीड़ ने एक मुस्लिम युवक की हत्या कर दी। इस पूरे मामले में राज्य की रघुवर सरकार तमाशा देखती रही। झारखंड में इतने लिंचिंग के मामले होने के बाद भी सरकार ऐसी लापरवाही कैसे कर सकती है। जिस तरह से भीड़ ने तबरेज अंसारी का नाम सोनू मानने से इनकार कर दिया ये खतरनाक है।

दरअसल, यह घटना बीते 18 जून को झारखंड के खरसावां जिले की है। जहां तबरेज अंसारी नाम के शख्स को पहले चोरी के शक में पकड़ा गया। उसके बाद में उसे खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा गया।

मौके पर जमा भीड़ इसपर भी नहीं रुकी, भीड़ ने मुस्लिम युवक से जबरन जय श्री राम के नारे लगवाए। जब युवक मरने लगा तो हत्यारी भीड़ ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस घटना के लिए राज्य की भाजपा सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है।

ओवैसी ने कहा कि ये सब घटना राज्य सरकार की शह पर हो रही है। ये रुकने वाले लोग नहीं है। हमने पिछले पांच सालों में कई ऐसे मामले देखे है मगर दोबारा सरकार बनने के बाद भी ऐसे मामले देखने को मिल रहे हैं। उन्‍होंने कहा ऐसी घटनाएं तभी खत्‍म होंगी जब सरकार अपनी संवैधानिक जिम्‍मेदारी को निभाएगी।

ऐसे संगठनों पर ईमानदारी से रोक लगाएगी। लेकिन भाजपा सरकारें अपनी ड्यूटी को निभाने में अभी तक नाकाम साबित हो रही हैं। ये पूरे देश के लिए नुकसानदायक है, यदि PM मोदी महात्‍मा गांधी के सपनों का नया भारत बनाने जा रहे हैं तो इस प्रकार की घटनाओं की इसमें कहीं जगह नहीं होनी चाहिए।

बता दें कि झारखंड में ये कोई पहला लिंचिंग का मामला नहीं है। झारखंड जनाधिकार मोर्चा की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, मौजूदा भाजपा शासन में कम से कम 12 लोग यहाँ भीड़ द्वारा मारे गए। इनमें 10 मुसलमान हैं और 2 आदिवासी थे।