बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के बाद बिहार के एक और शेल्टर होम से लड़कियां गायब हो गई हैं। मोतिहारी जिले के शेल्टर होम से लापता हुईं चार लड़कियां अचानक से गायब हो गईं हैं। हालाँकि चार में से एक लड़की को बरामद कर लिया गया है, तीन अभी भी गायब हैं।

नीतीश कुमार की सरकार में बीते दिनों बिहार के कई शेल्टर होम से लड़कियां गायब हो जा रही हैं। इसी साल राजधानी पटना के मोकामा स्थित एक बालिका सुधार गृह से 7 लड़कियां गायब हो गई थीं। इन 7 लड़कियों में से 5 मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की पीड़िता थीं।

ऐसे ही पिछले साल मुज्जफरपुर शेल्टर होम से लड़कियां गायब हो गई थीं। पीड़ित लड़कियों के साथ यौन शोषण किया गया था और कई लड़कियां शेल्टर से गायब हो गई थीं। मुज्जफरपुर शेल्टर होम के तार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबियों तक जुड़े थे। क्योंकि इस शेल्टर होम को नीतीश कुमार का करीबी ब्रजेश ठाकुर एक एनजीओ के जरिए संचालित कर रहा था।

बाद में जाँच एजेंसियों ने मुज्जफरपुर शेल्टर होम केस में मुख्य मास्टरमाइंड ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। अब मोतिहारी शेल्टर होम से लड़कियों के गायब होने से बिहार सरकार की किरकरी हो रही है।

बता दें कि पिछले साल 2018 की शुरुआत में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई (टीआईएसएस) ने अपनी एक रिपोर्ट के ज़रिए मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड को उजागर किया था। जिसमें एक एनजीओ द्वारा संचालित शेल्टर होम में लड़कियों का यौन-उत्पीड़न किए जाने की बात सामने आई थी। मामले में ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ 31 मई को मामला दर्ज किया गया। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई।