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BJP-RSS लंबे समय से केरल में हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण में लगी है। सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी को ध्रुवीकरण की गुंजाइश नजर भी आ रही थी, लेकिन निकाय उपचुनाव के परिणाम ने उस गुंगाइश की हवा निकाल दी।

गत 29 नवंबर को केरल में उपचुनाव हुए। 14 जिलों के 27 पंचायतों, 5 ब्लॉक पंचायतों, 6 नगर पालिकाओं और एक नगर निगम में हुए इस उपचुनाव के परिणाम बीजेपी के लिए निराशाजनक हैं। बीजेपी को सिर्फ दो सीटों पर जीत मिली। इतना ही नहीं बीजेपी ने अपनी एक जीती हुई सीट भी गंवा दी।

इस चुनाव से इतना तो साफ हो गया कि सबरीमाला को लेकर बीजेपी और आरएसएस जो विवाद कर रही है, उसे केरल की जनता पसंद नहीं कर रही। आलम ये रहा कि सबरीमाला मंदिर के वार्ड में पड़े 747 मतों में से बीजेपी को मात्र 07 वोट मिले।

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वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश के रे ने लिखा है कि ‘सबरीमाला मंदिर के वार्ड में पड़े 747 मतों में भाजपा को 07 तथा जहाँ भगवान अयप्पा पले-बढ़े थे, उस वार्ड में पड़े 802 मतों में से भाजपा को 12 मत मिले हैं।’

केरल उपचुनाव में बीजेपी की हालत पर व्यंग करते हुए आम आदमी पार्टी के National Media Coordinator विकास योगी ने लिखा है- ‘सुना है सबरीमाला के लोगों ने BJP की पूरी की पूरी माला ही तोड़ दी है चुनाव में ?’

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