भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर द्वारा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताए जाने के बाद बीजेपी विपक्ष के निशाने पर आ गई है। विपक्षी पार्टी के नेता साध्वी प्रज्ञा के इस बयान को बीजेपी की विचारधारा बता रहे हैं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने साध्वी प्रज्ञा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्विटर के ज़रिए कहा, “याद है, नरेंद्र मोदी ने प्रज्ञा की उम्मीदवारी का बचाव और समर्थन किया था। यह एक ‘भयावह अनुयायी’ नहीं है और ये निश्चित रूप से उनकी “व्यक्तिगत राय” नहीं है। ये बीजेपी की आज़ाद भारत के पहले आतंकी के बारे में राय है। कुछ सालों में, श्री श्री गोडसे को भी भारत रत्न देने की सिफारिश की जाएगी”। 

दरअसल, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने चुनाव प्रचार के दौरान कमल हसन के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे। देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे। उन्हें हिंदू आतंकवादी बताने वाले अपने गिरेबान में झांककर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसे लोगों को जवाब दे दिया जाएगा।’

ये है मोदी का न्यू इंडिया, जहां आतंक की आरोपी ‘सांसद’ बन सकती है और गोडसे ‘देशभक्त’ : निधि

बता दें कि अभिनेता से नेता बने कमल हसन ने महात्मा गांधी के हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को आज़ाद भारत का पहला हिंदू आतंकी बताया था।

उन्होंने तमिलनाडु में चुनाव प्रचार करते हुए कहा था, ‘आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि यहां पर कई सारे मुस्लिम मौजूद हैं। मैं महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने खड़े होकर यह कह रहा हूं।’