ट्विटर पर #गोडसे_अमर_रहें ट्रेंड कर रहा है। वहां भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति समेत पूरी सरकार मौजूद है. संपूर्ण विपक्ष मौजूद है. उसी ट्विटर पर ​नेताओं और पार्टियों के पालतू आईटी सेल वाले ‘गोडसे अमर रहें’ ट्रेंड करा रहे हैं.

गोडसे अमर रहेंगे तो मरेगा कौन? गांधी मरेगा. सत्य मरेगा. अहिंसा मरेगी. आम जनता मरेगी. गरीब गुरबा मरेंगे. वंचित जनता मरेगी. हत्यारा अमर रहेगा तो निर्दोष मरेंगे और हत्यारे राज करेंगे.

सत्ता सुख भोग रहीं पापी आत्माएं गांधी नाम का सहारा लेकर वैतरिणी पार करने की कोशिश में लगी हैं. पीछे से आवारा भीड़ को तैनात कर रखा है जो गोडसे जिंदाबाद का नारा लगा रही है. वे हाथ जोड़े गांधी के आगे खड़े हैं और यह हत्यारा शोर सुनकर मन ही मन आह्लादित हैं. अगर ऐसा न होता तो यह नारा लगाने वाली भीड़ निरंकुश नहीं होती.

गांधी की जरूरत सत्ता के लुटेरों को नहीं है. गांधी की जरूरत कांग्रेस और भाजपा को नहीं है. वे दोनों सत्ता के लिए गांधी का इस्तेमाल कर रहे हैं. जब फायदा होगा नारा लगाएंगे, जब फायदा देखेंगे गोली मार देंगे. वे देश में सांप्रदायिक विभाजन के लिए गांधी का इस्तेमाल कर रहे हैं. वे गांधी जयंती भी मना रहे हैं और गांधी जयंती के ​बहाने फिर से गांधी पर गोलियां भी दाग रहे हैं.

गांधी सत्ता के लुटेरों के नहीं थे. गांधी आप के थे. आपको भूखा देखा तो भूखे रहे, आपको नंगा देखा तो वस्त्र त्याग दिया. आपको गुलाम देखा तो दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सत्ता से जा भिड़े और जीवन भर लड़े. अगर आप भी गांधी को अपना मानते हैं तो आप बचाइए गांधी को. अगर आपको गोडसे प्रिय हैं तो आपको आपकी मौत मुबारक!

गौरी लंकेश की हत्या पर जो लोग उन्हें कुतिया कहकर खुशी मना रहे थे, उनमें से कई लोगों को भारत के प्रधानमंत्री ट्विटर पर फॉलो करते हैं. गांधी की हत्या को कई लोग जायज ठहरा रहे हैं, गोडसे को गॉड बता रहे हैं, उनमें से कई लोगों को भारत के प्रधानमंत्री फॉलो करते हैं. ट्विटर पर गाली संस्कृति के जो संरक्षक हैं, उनमें से कई लोगों को भारत के प्रधानमंत्री फॉलो करते हैं. प्रधानमंत्री गांधी पर भाषण दे रहे हैं, उनकी ​ट्विटर सेना ‘गोडसे अमर रहें’ ट्रेंड करा रही है. उनमें से बहुत लोगों को भारत के प्रधानमंत्री फॉलो करते हैं.

आप इस पर गर्व कर सकते हैं.

( ये लेख कृष्णकांत की फेसबुक वॉल से साभार लिया गया है )