भास्कर में CBSE टॉपर्स की लिस्ट छपी है। देख कर कुछ प्रश्न मन में उठे। प्रश्न बच्चों को लेकर नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी मेहनत की है और उसके रिज़ल्ट अब सामने हैं।

प्रश्न हमारे समाज के ताने बाने और हमारी शिक्षा प्रणाली को लेकर हैं। 65 बच्चों की इस लिस्ट को ध्यान से यदि देखेंगे तो आप पायेंगे कि इसमें आधे बच्चे वैश्य समाज (जैन, अग्रवाल और माहेश्वरी) से आते हैं, 10 बच्चे ब्राह्मण समाज से हैं और और आठ बच्चे पंजाबी – सिंधी समाज से हैं, 5 बच्चे राजपूत हैं, एक क्रिश्चियन है और मुसलमान नदारद हैं। इसके अलावा एस सी, एस टी, ओबीसी इत्यादि पूर्णत: गायब हैं।

स्कूलों के हिसाब से देखें तो 7 बच्चे एनडीपीएस, 18 बच्चे डीपीएस, नौ बच्चे एमरल्ड हाईट्स, 7 बच्चे शिशुकुंज, 6 आर्मी पब्लिक स्कूल और शेष दीगर स्कूलों के हैं।

कहने का अर्थ यह है कि अनजाने में या बाय डिज़ाईन हमारी शिक्षा प्रणाली एक ऐसे षड्यंत्र का शिकार हो गई है जिसमें एक ओर पब्लिक स्कूलों की शिकंजा है वहीं दूसरी ओर यह आर्थिक रूप से संपन्न लोगों के कब्जे में है। यह बात गौर करने योग्य है कि यही बच्चे कोचिंग क्लासेस के प्रमुख ग्राहकों में से हैं और यही बच्चे आगे चल कर आई आई टी इत्यादि मेरिट में अपनी जगह बनायेंगे।

दूसरी ओर यह बात भी परिलक्षित हो रही है कि समाज में आर्थिक रूप से आज भी सवर्णों का ही कब्जा है जो इन महंगे स्कूलों और कोचिंग क्लासेस की फीस के दोहरे बोझ को उठा सकते हैं।

छोटा सा विषय है, कुछ दोस्त नाराज़ भी हो जायेंगे कि आप जातिवाद की बातें कर रहे हो, किंतु क्या इस सच्चाई से हम मुंह मोड़ सकते हैं? आरक्षण के औचित्य पर सवाल उठाने वाले इस सच्चाई से कैसे अपने आपको बचा कर रखेंगे। क्या वक्त नहीं आ गया है कि हमारी शिक्षा प्रणाली में आमूल चूल परिवर्तन हों।

इस पर मैंने पहले भी लिखा है और अब भी यही कहता हूं कि मास कोचिंग इस समस्या की जड़ में है। हम सभी से अनजाने बहुत कुछ ऐसा घट रहा है जिसमें सीबीएसई ऑफिशियल्स, कोचिंग ऑपरेटर्स और जेईई-नीट जैसी परीक्षा के नियंताओं के बीच गठजोड़ है और जैसा कि हमेशा होता है, हमारे नेता भी इसमें धंसे हुए हैं क्योंकि बड़े बड़े कोचिंग सेंटर्स में उनका पैसा लगा हुआ है।

मैं जानता हूं कि विषय नाजुक है फिर भी आप सभी से इस पर विचार आमंत्रित हैं। इसमें एक सवाल यह भी है कि क्या आम भारतीय मुसलमान मुख्यधारा से पूरी तरह कटा हुआ है?

(ये लेख आनंद जैन की फेसबुक वॉल से लिया गया है)