नफ़रत के जिस पेड़ को लम्बे वक़्त से खाद पानी दिया जा रहा है उसपर अब फल आने लगे हैं। अब पढ़े लिखे सरकारी अफसर भी महात्मा गांधी के खिलाफ ज़हर उगलने लगे हैं। निधि चौधरी नाम की एक IAS अफसर ने WHATSAPP यूनिवर्सिटी से प्राप्त एक पोस्ट लिखा- जिसमें मांग थी की भारतीय नोटों पर गांधी की जगह नाथूराम गोडसे को दिया जाए।

दरअसल आईएएस ऑफिसर निधि चौधरी ने 17 मई को अपने ट्विटर पर एक पोस्ट किया था। जिसमें लिखा था- 150वीं जंयती को मनाने के पीछे क्या उम्मीद हो सकती है। ये सही वक्त है कि देश के कैरेंसी से उनकी तस्वीर को हटाई जाए और उनके स्टेटस को भी दुनिया से हटाया जाना चाहिए। अब हमें एक सच्ची श्रद्धांजिल देने की जरूरत है। धन्यवाद गोडसे 30.01.1948 के लिए।

विवाद बढ़ने के बाद निधि ने इस ट्वीट को तो डिलीट कर दिया मगर इसने गोडसे बनाम गांधी के विवाद को हवा दे दी।

अब एनसीपी नेता जितेंद्र अवहद ने निधि के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महात्मा गांधी को नीचा दिखाकर उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमा मंडित किया गया है। जो बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

बता दें कि इससे पहले महात्मा गांधी के हत्यारे गोडसे को प्रज्ञा ठाकुर ने देशभक्त बताया था। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उनके बयान की निंदा करते हुए उन्हें कभी माफ़ ना करने की बात तो कही मगर जो नोटिस जारी हुआ उसके बारे में सिर्फ अमित शाह को ही पता होगा।