प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी लोकसभा सीट से एक बार फिर ताल ठोक रहे हैं। इस सीट से उन्होंने अपना नामांकन पत्र शुक्रवार (26 अप्रैल) को दाखिल कर दिया। पीएम मोदी के नामांकन को हिट बनाने के लिए बीजेपी के सहयोगी दलों के नेता भी वहां मौजूद रहे।

नामांकन पत्र दाख़िल करने से एक दिन पहले पीएम मोदी ने यहां एक मेगा रोड शो किया। शक्ति प्रदर्शन के लिहाज से किए गए इस आयोजन का समापन दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती के साथ हुआ, जिसमें पीएम मोदी ने अमित शाह के साथ हिस्सा लिया। पीएम के इस कार्यक्रम को हिट बनाने के लिए शाह के अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाते दिखे।

एक तरफ जहां बीजेपी के नेता पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए पूरा ज़ोर लगाते दिख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता की गोद में बैठा मीडिया भी इस कार्यक्रम को ‘सुपरहिट’ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। बल्कि बीजेपी नेताओं से ज़्यादा मीडिया पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए मेहनत करता दिखाई दे रहा है। वो स्टूडियो से ही पीएम मोदी के कार्यक्रम को हिट घोषित करने में जुटा है।

न्यूज़18 के शो आरपार में भी कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। जहां पीएम मोदी के इस कार्यक्रम को पिक्टर का ट्रेलर बताकर उसे हिट घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही चैनल ने यह भी भविष्वाणी कर दी कि जब ट्रेलर हिट है तो 23 मई को पिक्चर भी सुपरहिट होगी, यानी पीएम मोदी को चुनाव में जीतने से कोई नहीं रोक सकता।

इसके अलावा चैनल ने जिस मोदी लहर का कहीं अपा-पता नहीं, उसे वाराणसी से उठा दिया। चैनल को उम्मीद है कि वाराणसी से ही दोबारा मोदी लहर उठेगी। लेकिन सवाल यह है कि चैनल को ऐसी उम्मीद क्यों है?

क्या चैनल ने वाराणसी का मुआयना किया है, जहां से पीएम मोदी सांसद हैं? क्या चैनल ने वाराणसी जाकर वहां की उन समस्याओं को समझा है, जिसका समाधान पीएम मोदी पांच सालों में नहीं कर पाए? क्या चैनल पीएम मोदी द्वारा गोद लिए गांव जयापुर पहुंचा है, जहां लोग आज भी विकास की आस लगाए बैठे हैं?

ख़ैर सत्ता की गोद में बैठे चैनल से जनता के सरोकार की उम्मीद भी नहीं की जा सकती। जनता भले ही बेहाल हो, लेकिन चैनल को तो जनता की समस्या की जगह नेता जी के मेगा रोड शो को दिखाना है और उन्हें ही जिताना है!