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भारत के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, मिजोरम। क्या इन पांचों राज्यों में अयोध्या नाम की कोई जगह है? नहीं है।

तो फिर न्यूज चैनल आज तक की एंकर अंजना ओम कश्यप मध्य प्रदेश में अयोध्या पर डिबेट क्यों कर रही हैं? क्या मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या की विवादित जमीन है?

28 नवंबर को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। 22 नवंबर की शाम अंजना ओम कश्यप मध्य प्रदेश के विदिशा से लाइव डिबेट कर रही हैं, मुद्द है- रामलला हम आएंगे, ‘इंच इंच’ वादा निभाएंगे

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‘इंच इंच’ वादा निभाने की बात अमित शाह ने एक सभा में कही थी। अब ये तो सबको पता है कि गोदी मीडिया की पत्रकारिता बीजेपी के बयानों और विचारों पर टिकी है। तो अपने इसी शपथ को ध्यान रखते हुए आज तक ने ये मुद्दा चुना होगा।

अगर ऐसा नहीं है तो मध्य प्रदेश चुनाव का उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या की विवादित जमीन से क्या रिश्ता है? क्या शिवराज सिंह चौहन ने अपने सारे वादे पूरे कर दिए हैं? क्या अब मध्य प्रदेश में कोई समस्या नहीं है? क्या मध्य प्रदेश की जनता को अब सिर्फ राम मंदिर का इंतजार है?

क्या आज तक और अंजना ओम कश्यप को ये नहीं पता कि मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बलात्कार होता है? क्या अंजना ओम कश्यप को ये नहीं पता कि मध्य प्रदेश में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं? अंजना ओम कश्यप को ये नहीं पता कि मध्य प्रदेश के किसान लगातार आत्महत्या कर रहे हैं? अंजना ओम कश्यप को ये नहीं पता कि मध्य प्रदेश में किसानों पर गोली चलवाई गई थी? अंजना ओम कश्यप को ये नहीं पता कि मध्य प्रदेश के युवा रोजगार और शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं?

जाहिर इन सभी समस्याओं के बारे में अंजना ओम कश्यप और आजतक को जानकारी है। और आज तक इन मुद्दों को छोटे छोटे बुलेटिन और यूट्यूब वीडियो में दिखा भी रहा है लेकिन बड़े डिबेट शो में जगह नहीं दी जा रही है। क्यों नहीं दी जा रही है? क्योंकि इससे बीजेपी को चुनाव में नुकसान हो सकता है!

इसके अलावा मध्य प्रदेश जाकर उत्तर प्रदेश में स्थित अयोध्या की विवादित जमीन पर चर्चा की करने की कोई वजह ही नहीं है। राम मंदिर बीजेपी का चुनावी एजेंडा है। राम मंदिर के नाम पर बीजेपी हिंदी पट्टी वाले राज्यों में वोटों का ध्रुविकरण करने की कोशिश करती रहती है। गोदी मीडिया बीजेपी की इसी कोशिश को आगे बढ़ा रहा है।

वैसे बता दें कि अयोध्या की विवादित जमीन को बीजेपी राम मंदिर का नाम देती है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है और जब तक फैसला नहीं आता विवादित जमीन को विवादित ही कहा जाएगा, ‘रामलला’ का जन्मस्थान नहीं।

‘आज तक’ और अंजना ओम कश्यप ऐसे मुद्दों से बीजेपी के लिए माहौल बना रहे हैं! कई ऐसी बाते हैं जो इस डिबेट और उसके मुद्दें पर संदेह पैदा करता है। मध्य प्रदेश में जाकर ‘रामलला’ पर चर्चा करना ही सिर्फ प्रमुख बात नहीं है। इसके आलावा भी बहुत कुछ नजर आ रहा है।

जैसे- डिबेट करने वाले पैनेलिस्ट। अंजना के इस डिबेट में बीजेपी की तरफ से प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, बीजेपी नेता- अनिल सौमित्र, वीएचपी नेता- राजेश तिवारी और अंसार रज़ा

अगर पैनेल में शामिल लोगों को देखकर आपके संदेह की सूई हरकत नहीं कर रही तो आप बहुत ही क्यूट हैं। क्योंकि एक ही डिबेट में बीजेपी के नेता और प्रवक्ता दोनों को शामिल क्यों किया गया है? ये तो अनहोनी बात है।

क्या बीजेपी का पक्ष नेता या प्रवक्ता में से कोई एक नहीं रख सकता था? दोनों को बुलाने की क्या जरूरत थी? क्या ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि स्थानिय बीजेपी नेता अनिल सौमित्र प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी की तरह हिंदू मुस्लिम विशेषज्ञ नहीं हैं?

सुधांशु त्रिवेदी उस जगह नहीं थें जहां डिबेट हो रही थीं लेकिन फिर भी उन्हें जोड़ा गया था। क्या बीजेपी को अपने स्थानिय नेता पर भरोसा नहीं है? या अनिल सौमित्र हिंदू मुस्लिम पर वो कनटेंट नहीं दे पाते जो गोदी मीडिया को सुधांशु त्रिवेदी जैसे बीजेपी प्रवक्ताओं से मिलता है?

एक बात और वीएचपी नेता राजेश तिवारी ने पूरे डिबेट में बीजेपी से अलग कुछ नहीं बोला। इस तरह से बीजेपी का पक्ष रखने वाले एक डिबेट में तीन लोग थे। कांग्रेस का कोई प्रवक्ता या नेता नहीं था। हो सकता है वो आए न हो? या आज तक ने बुलाया न हो?

ख़ैर, इन सब में सबसे ज्यादा संदेह पैदा करता है अंसार रजा का डिबेट में शामिल होना? अंसार रजा कौन है? जवाब है अंसार रजा किसी गरीब नवाज फाउंडेशन का अध्यक्ष है। अंसार रजा का अयोध्या की विवादित जमीन से क्या लेना देना? जवाब है कुछ नही। फिर अंसार रजा मध्य प्रदेश में जाकर डिबेट में शामिल क्यों हो रहे हैं?

यही सवाल अंजना ओम कश्यप के डिबेट पर सबसे बड़ा सवाल खड़ा करता है? आखिर ‘आज तक’ ने अंसार रजा को दिल्ली से मध्य प्रदेश क्यों बुलाया है? जाहिर है वो अपने मन से गए नहीं होंगे, चैनल के बुलाने पर ही गए होंगे। अंसार रजा का अयोध्या के विवादित जमीन से कोई लेना देना। फिर वो डिबेट में क्या कर रहे हैं? क्या अंसार मुस्लिमों के ठेकेदार हैं?

नहीं हैं। अंसार रजा जैसे इंसान को मुस्लिम तो क्या कोई कौम अपना ठेकेदार क्यों बनाएगा? अंसार रजा ने अपने अभी तक के जीवन में मुस्लिमों के लिए क्या किया है? कुछ भी नहीं। वो बस ऐसी बाते करते हैं जिससे बीजेपी को फायदा होता। और यही बात गोदी मीडिया को पसंद आती है।

अंसार रजा वो इंसान है जो चार-पांच हजार के लिए चैनल चैनल भटकते हैं। न्यूज चैनलों को बकर बकर करने वाला, दाढ़ी टोपी वाला एक मूर्ख मुस्लिम चाहिए था, अंसार रजा वही हैं।

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