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अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर मोदी सरकार कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन सरकार की सबसे ज़्यादा फ़जीहत बढ़ते बैंक घोटालों को लेकर हुई है। अब रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने भी इस पर ठप्पा लगा दिया है।

RBI ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में यूपीए-2 से ज़्यादा बैंक घोटाले हुए हैं। ये बात केंद्रीय बैंक ने मई 2018, में डाली गई एक आरटीआई के जवाब में बताई है।

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गौरतलब है कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान बैंक घोटाले और उनके आरोपियों के देश से भाग जाने की संख्या में बहुत ज़्यादा इज़ाफा हुआ है।

RBI ने बताया है कि मोदी सरकार के दौरान 77,521 करोड़ रुपए से ज़्यादा के बैंक घोटाले हुए हैं। इनकी संख्या 9,193 रही। ये आंकड़ा मार्च 2018, तक का है, उसके बाद हुए बैंक घोटालों की रकम इसमें शामिल नहीं है। ना ही इसमें एनपीए हो गए लोन की रकम शामिल है। ये सिर्फ उन घोटालों के आंकडें हैं जो पूरी तरह घोषित हो चुके हैं।

वहीं, यूपीए-2 के दौरान 10,652  बैंक घोटाले हुए जिसमें बैंकों को 22,441  करोड़ का नुकसान हुआ। मतलब मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान बैंकों को पिछली सरकार के मुकबले लगभग 55000 करोड़ रुपए ज़्यादा का नुकसान हुआ।

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चिंता की बात है ये है कि सबसे ज़्यादा नुकसान सरकारी बैंकों को हुआ है। 77,521 करोड़ रुपए में से 68,350 करोड़ रुपए के घोटाले सरकारी बैंकों में हुए हैं।

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