मोदी सरकार द्वारा देश की आर्थिक आज़ादी बताया गया गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) लगातार अपने लक्ष्यों को पाने में चूक रहा है। लागू होने के एक साल बाद भी जीएसटी अपने तय किये लक्ष्यों तक पहुँच नहीं पा रहा है। सितम्बर में भी यही हुआ है।

सितम्बर में जीएसटी संग्रह 94,442 करोड़ रुपए रहा। ये एक लाख करोड़ रुपए के तय लक्ष्य से कम है। ऐसा लगातार हो रहा है। इस साल ये लगातार पांचवा महीना है जब जीएसटी तय लक्ष्य को प्राप्त करने में नाकाम रहा हो।

मोदी सरकार पर जीएसटी को बिना तैयारी जल्दी में लागू करने के आरोप लग रहे हैं। इसके लागू होने के बाद बाज़ार में उद्योगों और देश के राजस्व को नुकसान उठाना पड़ा है।

कुल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) 15,318 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) 21,061 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी 50,070 करोड़ रुपये (आयात से 25,308 करोड़ रुपये का संग्रह शामिल) और से 7,993 करोड़ रुपये रहा है। सेस में 769 करोड़ रुपये आयात पर किया गया संग्रह शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा, ‘केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कुल राजस्व सितंबर 2018 में सीजीएसटी 30,574 करोड़ रुपये और एसजीएसटी 35,015 करोड़ रुपये रहा है।’