बिहार में चुनाव समाप्त होने के साथ ही अपराध की घटनाओं में इजाफा होने लगा है। मामला बेगूसराय का है जहां अपराधी ने प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए एक मुस्लिम युवक को गोली मार दी।

रविवार को सुबह लगभग साढ़े सात बजे कुम्भी गांव में बाइक सवार कपड़ा धोने वाले डिटर्जेंट पाउडर का फेरी कर रहे युवक को अज्ञात अपराधी ने सरेआम गोली मारकर जख्मी कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जख्मी युवक की पहचान खांजहांपुर पंचायत के वार्ड नंबर- 11 निवासी मो. अघनू मियां के लगभग 28 वर्षीय पुत्र मो. कासिम के रूप में की गई।

इस संबंध में जख्मी ने पुलिस के समक्ष बयान देते हुए बताया कि अपराधी द्वारा सबसे पहले उसका नाम पूछा गया। इस दौरान युवक द्वारा अपना नाम मो. कासिम बताने के बाद अपराधी ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि यहां क्या कर रहा है। तुमको तो पाकिस्तान में रहना चाहिए। इतना कहने के बाद ही उसने गोली चला दी। जो सीधे कासिम के पीठ में लगी।

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बिहार ने इस बार की लोकसभा चुनाव में मोदी और नितीश कुमार की नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन को पूरा मैंडेट दिया है। जहां एक ओर नितीश कुमार ख़ुद को सुशासन बाबू कहलवाते फिरते है और इस बार के चुनावी नतीजों को विपक्षियों के मुँह पर करारा जवाब बतला रहे हैं।

वही दूसरी ओर खुलेआम अपराधियों द्वारा किसी खास समुदाय के लोगो को पाकिस्तान भेजने के लिए खुलेआम हत्या करने पर उतारू हो गए हैं । इस बार बेगूसराय से बीजेपी के उम्मीदवार गिरिराज सिंह चुनाव जीते हैं। यह वही गिरिराज सिंह है जो बा-बार मुस्लिमों को पाकिस्तान भेजने की धमकी देते रहते हैं।

बेगूसराय से इनके जीतने के बाद ही वहां की फ़िज़ा में एक खास समुदाय को लेकर लोगों में नफ़रत भर गया है। जहाँ नाम पूछ कर उसे पाकिस्तान भेजने की चेतावनी दी जाती है उसके बाद उसे गोली मार दी जाती है। क्या ऐसे सांप्रदायिक घटना के पीछे गिरिराज सिंह की छवि है जो पूरे चुनाव में धार्मिक उन्माद को फैलाकर जनता के बीच वोट मांग रहे थें।

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इस घटना को लेकर कन्हैया कुमार ने ट्वीट कर लिखा- ”बेगूसराय में एक मुस्लिम फेरीवाले को पाकिस्तान जाने की बात कहते हुए गोली मार दी गई। इस तरह के अपराधों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे तमाम नेता व उनके राग दरबारी दोषी हैं जो दिन-रात सियासी फ़ायदों के लिए नफ़रत फैलाते हैं। अपराधियों को सज़ा दिलाने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।”