पिछले महीने सोशल मीडिया पर एक लॉ छात्रा का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें छात्रा ने BJP नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था। मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद हाईप्रोफाइल हो गया और ये कोर्ट पहुंच गया। जहां अब पीड़िता ने चिन्मयानंद का काला चिट्टा खोलकर रख दिया है। मगर अभी भी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, इतने गंभीर मामले का आरोपी होते हुए वो खुला घूम रहा है।

पीड़िता ने बयान देते हुए कोर्ट में बताया कि स्वामी चिन्मयानंद ने ब्लैकमेल कर बलात्कार किया है। पीड़िता के हॉस्टल के बाथरूम में नहाने का वीडियो बनाया गया और उस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर एक साल तक चिन्मयानंद बलात्कार करता रहा।

इस मामले में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि, “पीड़िता ने एक सप्ताह पहले 14 पन्नों की एफआईआर चिन्मयानंद के खिलाफ कर दी है। साथ ही पीड़ित छात्रा ने चिन्मयानंद की अश्लील वीडियो भी टीवी के संपादकों के पास भेजी थी।”

उन्होंने टीवी के संपादकों पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, “लेकिन दलित विधायक संदीप कुमार और विपक्षी नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ आक्रामकता से खबर चलने वाला ‘BJPTV’ चिन्मयानंद के मामले में सबकुछ भूल गया है। संजय सिंह ने मीडिया पर तंज कसते हुए कहा, काश चिन्मयानंद मौलाना होता।”

गौरतलब है कि, बीजेपी नेता और मोदी सरकार में मंत्री रहे स्वामी चिन्मयानंद पर लॉ की छात्रा द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की कोर्ट ने जांच होने के आदेश दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को आदेश देते हुए कहा कि सरकार इस मामले में एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन करे और चिन्मयानंद पर छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करे और जांच की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा।

23 अगस्त 2019 को हॉस्टल से लापता हुई लॉ छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर शोषण के आरोप लगाए थे। छात्रा के पिता ने स्वामी चिन्मयानंद पर अपहरण और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया था। इसके बाद 30 अगस्त को राजस्थान में एक युवक के साथ मिली यहां पर एक न्यायाधीश ने उससे बातचीत की थी।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पूर्व केंद्रीय गृह राज्‍यमंत्री और मुमुक्षु आश्रम के प्रमुख स्‍वामी चिन्‍मयानंद पर दर्ज शिष्या से बलात्कार का मुकदमा हटावा चुके है।