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कर्नाटक के पूर्व सीएम एवं वरिष्ठ बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा की एक कथित डायरी से खुलासा हुआ है कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के लिए बीजेपी के शीर्ष नेताओं को 1800 करोड़ रुपए की रिश्वत दी। यह ख़ुलासा न्यूज मैग्जीन कैरवां ने अपनी एक रिपोर्ट के ज़रिए किया है।

कथित डायरी के मुताबिक, बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने के लिए लालकृष्ण आडवाणी को 50 करोड़, राजनाथ सिंह को 100 करोड़, नितिन गडकरी को 150 करोड़, मुरली मनोहर जोशी को 50 करोड़, अरुण जेटली को 150 करोड़, जजों को 250 करोड़, वकीलों को 50 करोड़, नितिन गडकरी के बेटे की शादी में 10 करोड़, बीजेपी सेंट्रल कमेटी को 1000 दिए।

डायरी में कथित रूप से येदियुरप्पा के हस्ताक्षर हैं जो उनकी हैंडराइटिंग से मेल खाती है। डायरी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास अगस्त 2017 से उपलब्ध थी। लेकिन इस मामले की अभी तक कोई जांच नहीं हुई है। मामला सामने आने के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी विपक्ष के निशाने पर आ गई है। कांग्रेस ने कथित डायरी के हवाले से बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच की मांग की है।

चौकीदारों का भ्रष्टाचारः येदियुरप्पा ने CM बनने के लिए BJP के बड़े नेताओं को दिए 1800 करोड़ रुपए!

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि चूंकि इस मामले में मोदी कैबिनेट के बड़े नेताओं का नाम शामिल है इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर बीजेपी की केंद्रीय समिति के सभी नेताओं की जांच होनी चाहिए।

विपक्षी नेता भले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन देश का मेनस्ट्रीम मीडिया इस मामले में ज़रा भी दिलचस्पी दिखाता नज़र नहीं आ रहा। देश के मेनस्ट्रीम मीडिया से यह मामला पूरी तरह से नदारद है।

न्यूज़18 जैसे चैनल इस मामले पर बहस करने के बजाए ‘राहुल के गुरु का सेना पर सवाल’….  ‘नेता हिन्दुस्तानी कवच पाकिस्तानी’? जैसे बनावटी और बीजेपी के एजंडे वाले मुद्दों पर बहस करते नज़र आ रहे हैं।

वहीं ज़ी न्यूज़ के प्रोग्राम ‘ताल ठोक के’ में ‘तो पुलवामा के हत्यारों पर फूल बरसाती कांग्रेस’? जैसी विपक्षी पार्टियों को घेरने वाली बहस की जा रही है। आज तक भी इस मामले में पीछे नहीं है। उसके प्राइम प्रोग्राम दंगल में भी फ़र्ज़ी राष्ट्रवाद पर बहस जारी है।

मीडिया के इसी रवैये पर पत्रकार आदित्य मेनन ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “सैम पित्रोदा, जो कि कांग्रेस के नेता भी नहीं हैं, उनकी टिप्पणी पर चीखने-चिल्लाने वाले चैनल्स येदियुरप्पा के टेप पर ख़ामोश क्यों हैं”।

वहीं मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने ट्विटर के ज़रिए कहा, “देखते हैं कि कौन सा मीडिया हाउस चौकीदार येदियुरप्पा की डायरी के बारे में बात करने की हिम्मत करता है। कथित तौर पर, वरिष्ठ भाजपा नेताओं को 1500 करोड़ रुपए दिए गए”।