जिस गाड़ी से वो लोग गए थे, वो छोटी गाड़ी थी। साथ चलने को लेकर मेरी उनसे जब बात हुई तो उन्होंने कहा कि कोई दिक्कत नहीं है। पीड़िता और उनकी चाची ने कहा की कोई दिक्कत नहीं है, हम पांच लोग हैं और आप तीन लोग हैं। सभी गाड़ी में नही आ पाएंगे। ये बयान रेप पीड़िता के गनर सुरेश कुमार का है।

दरअसल उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के एक्सीडेंट के वक़्त आखिर उसके साथ सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं थे? इसका जवाब खुद सुरक्षाकर्मी ने दिया है। सुरक्षाकर्मी का कहना है कि गाड़ी छोटी होने के कारण कोई सुरक्षाकर्मी उनके साथ नहीं जा सका।

सुरक्षाकर्मी ने जवाब भी तब दिया जब ये सवाल उठा की आखिर जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त रेप पीड़िता को मिली हुई सुरक्षा उसके साथ नहीं थी। सुरेश ने दावा किया कि रेप पीड़िता के परिवार की तरफ से कहा गया कि आप लोग निश्चिंत रहें और हम शाम तक वापस आ जाएंगे। गनर सुरेश कुमार ने बताया कि हम तीन लोग है और होमगार्ड की ड्यूटी भी पीड़िता के घर पर लगी थी।

सुरक्षाकर्मी का ये दावा कहाँ तक सही है की जिन्हें सुरक्षा मिली हो वो भी बिना सुरक्षा के बाहर चले जाए और सुरक्षाकर्मी घर की रखवाली करें। क्या उन्हें पीड़ितों की सुरक्षा के लिए रखा गया था या फिर पीड़िता के घर की रखवाली के लिए रखा गया था।

सुरक्षाकर्मी के इस दावे एक सवाल उठता है कि क्या उन्होंने अपने किसी सीनियर अधिकारी को इस बात की जानकारी दी की उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का परिवार अकेले जाना चाहता है।

इस मामले पर एसपी माधव प्रसाद वर्मा ये तो बताते है कि संभवता पीड़िता और उसके परिजनों ने सुरक्षा कर्मी लेने से मना किया था। लेकिन मामले की जांच की जाएगी आखिर क्यों सुरक्षाकर्मी पीड़िता के साथ नहीं गए।एक एसपी जब गैंगरेप पीड़िता के सुरक्षा ना लेने पर संभवता जैसा शब्द प्रयोग कर रहा हो तो ऐसे में सवाल तो उठेगें ही।

क्योंकि रेप पीड़िता और उसके परिवार को तीन सुरक्षाकर्मी दिए गए थे। एक पुरुष और दो महिला कांस्टेबल घर की सुरक्षा में लगाए गए थे। पीड़िता के साथ एक गनर और दो महिला सुरक्षा कर्मी लगाए गए थे। फिर इतना बड़ा हादसा हुआ जिसमें दो लोगों की जान चली गई जबकि पीड़िता अभी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

साभार- न्यूज़ 18