• 1.5K
    Shares

आज देश ‘संविधान दिवस’ मना रहा है। वो सविंधान जिसने हर देशवासी को जीने, विरोध और उपासना करने का अधिकार दिया है। मगर आज देश एक बार फिर से शर्मसार हुआ वो इसलिए क्योंकि देश के अभिन्न हिस्सा कहे जाने वाले कश्मीर में एक 20 महीने का बच्ची हिबा पेलेट गन का शिकार हो गई है।

दरअसल रविवार की सुबह एक एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबलों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई। जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और 50 अन्य लोग घायल हो गए। इसी बीच बच्ची की माँ भी घायल हो गई।

हिबा की माँ ने अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि जब हम घर के अंदर थे और बाहर आसूं गैस के गोले छोड़े जा रहे, एक वक़्त ऐसा आया जब गैस के चलते मेरे 5 साल के बच्चे का सांस लेना मुश्किल हो गई तो मैंने दरवाजा खोला तो तीन सुरक्षाकर्मी ने सीधे हमारे ऊपर पेलेट गन से हमला कर दिया जो 20 महीने के बच्चे की दाई आँख पर जा लगी।

इस घटना के बाद बच्चे को शोपिया के एक अस्पताल में ले जाया गया फिर वहां से उसे श्रीनगर रेफर कर दिया गया। इस हमले पर हिबा की माँ मार्शल जान ने कहा- उसके हाथ भी पेलेट गन की वजह से जख्मी हो गए।

अयोध्या में हिंदुओं की जगह अगर मुसलमान इकट्ठा होते तो अबतक उनपर ‘पेलेट गन’ चल जातीः राम पुनियानी

उन्होंने ये भी कहा कि मैंने हिबा के चेहरे को बचाने के लिए उसके ऊपर हाथ नहीं रखा होता तो उसका चेहरा पूरी तरह से ख़राब हो जाता।

फिलहाल बच्चे का इलाज श्रीनगर के महाराजा हरि सिंह अस्पताल के ऑपथैल्मोलॉजी डिपार्टमेंट में चल रहा है। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताई है। साथ ही ये भी कहा है कि क्योंकि बच्चे को चोट आँख पर लगी है, तो इससे उसकी आँखों की रौशनी जाने का भी खतरा है।

कश्मीर आग में जल रहा है मगर जन्नत कहे जाने वाले इस शहर में लगातार एनकाउंटर की खबरें आती रहती है। मगर इस बीच बच्चे पर पेलेट गन से शिकार हो जाना दर्शाता है की मौजूदा सरकार कश्मीर को लेकर कितनी गंभीर है की उसने अभी पेलेट गन का इस्तेमाल तक नही बंद करवाया है।

कश्मीर पर बोले अखिलेश- मोदीराज में ‘लोकतंत्र’ ख़तरे में है, अब भी एकजुट न हुए तो देश तबाह हो जाएगा

गौरतलब हो कि हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे के बाद सुरक्षा बल और प्रदर्शनकारियों के बीच अब तक सैकड़ों दफा हिंसक झड़पें हो चुकी हैं।

कई दफा भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बल पैलेट गन का इस्तेमाल करते हैं। इसके इस्तेमाल से हजारों घायल हो गए हैं और सैकड़ों लोगों को देखने में दिक्कत आने लगी थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here