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जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के लिए भारत की कोशिशों पर एक बार फिर चीन ने प्रस्ताव पर रोड़े अटका दिए। चीन पाकिस्तान के समर्थन में खड़ा दिखा और भारत के हाथों चौथी बार निराशा लगी है। चीन ने जैश सरगना मसूद अजहर को ‘वैश्विक आतंकी’ घोषित होने से बचाने के लिए ‘वीटो’ पॉवर लगाते हुए एक बार फिर मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से बचा लिया है।

चीन पहले भी मसूद अज़हर को अपनी वीटो का इस्तेमाल करते हुए वैश्विक आतंकी घोषित होने से बचा चुका है। फिर भी इतना सब होने के बाद भारत के प्रधानमंत्री प्रोटोकॉल से इतर जाकर चीन के राष्ट्रपति को अहमदाबाद में झूला झुला चुके हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की सत्ता सँभालने के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अहमदाबाद बुलाया था। शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अहमदाबाद पहुँचे थे जहाँ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया था।

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इस मौके पर पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को साबरमती तट पर ‘झूला भी झुलाया’ था जिसपर विपक्ष उनपर अबतक निशाना साध रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता और समाजवादी पार्टी की प्रवक्ता ऋचा सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला किया है। ऋचा ने अपने ट्वीटर से ट्वीट किया है कि, “चीनी मुखिया के साथ झूला झूलने वाला प्रधानमंत्री नहीं चलेगा।”

वहीं इस मामले सपा नेता सुनील सिंह यादव ने मोदी सरकार की कुटनीतिक त्रासदी बताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है, “चीन ने वीटो लगाकर अज़हर मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने से रोक दिया। चीन और पाकिस्तान से चरित्र से तो दुनिया अवगत है लेकिन मोदी सरकार की भी यह कुटनीतिक त्रासदी है। चीनी मुखिया के साथ मोदी जी झूला झूलते रहे। देश का बाज़ार खोल दिया और चीन ने मोदी जी को झूला, झूला दिया।”

मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के में चीन द्वारा अडंगा लगाने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कह चुके है कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से डरे हुए हैं और चीन के खिलाफ उनके मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है।

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इस मामले पर भारत के साथ साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीन स्थायी सदस्य देश अमेरिका, ब्रिटेन और फ़्रांस मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव पहले भी ला चुके हैं, लेकिन, चीन के विरोध करने के कारण तब भी मसूद अज़हर को वैश्विक आतंकवादी घोषित नहीं किया जा सका था।