‘ये वास्तव में लाखों मुस्लिम महिलाओं की जीत है, सामने आकर इस सामाजिक क्रांति का नेतृत्व करने पर नरेंद्र मोदी जी का बहुत बहुत धन्यवाद। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का एक वास्तविक साक्ष्य।’

ये बयान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का है जिन्होंने तीन तलाक बिल पास होने पर ख़ुशी ज़ाहिर की मगर अबतक उन्नाव की घटना पर चुप्पी साधी हुई है।

दरअसल उन्नाव में एक बेटी का गैंगरेप होता है, वो अपनी गुहार लगाने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह करने पहुंचती है। जहां उसके कहने पर मामला दर्ज किया जाता है, इसके बाद उसके पिता को गिरफ्तार किया जाता है जहां उसकी मौत हो जाती है। फिर दो साल बाद उसे भी जान से मारने के लिए ट्रक से एक्सीडेंट करवाया जाता है।

इसमें पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो जाती है। खुद पीड़िता और उसके वकील अपनी आखिरी सांसें गिन रहे हैं। अब इन हालातों पर कोई पत्थर दिल इंसान एक बार को तो ट्वीट करता। मगर आज़म खान के बयान पर कड़ी से कड़ी कार्यवाई करने की बात कहने वाली स्मृति ईरानी इसपर मौन धारण कर लेती है।

मगर उनका मौन टूटता है और वो तीन तलाक बिल पास होने पर मुस्लिम महिलाओं की हक़ की बात करती है। उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर कई लोगो ने प्रतिक्रिया दी है। एक यूज़र ने लिखा- कुछ नहीं बोलोगी उन्नाव वाली हिंदू बिटिया के लिए?

एक और यूज़र ने लिखा- उन्नाव केस में भी सबका साथ सबका विकास कीजिये। सिर्फ सेंगर का ही विकास हो रहा है।

एक यूज़र ने ईरानी से पूछा- सबका साथ सबका विकास में उन्नाव की वो बहन नही आती? जिस पर इतना अत्याचार हो रहा है। शर्मनाक।