महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय कैंपस में RSS की शाखा लगती है मगर कांशीराम की पुण्यतिथि मनाने पर 6 छात्रों को निकाल दिया गया, नाराज़ छात्र बोले- ये तानाशाही है।

महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगा है कि बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम का परिनिर्वाण दिवस मनाने और पीएम मोदी को पत्र लिखने के कारण छह छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है। कोड एंड कंडक्ट का हवाला देते हुए हिंदी विश्वविद्यालय ने छात्रों पर ये कार्यवाई की है।

छात्रों का कहना है कि जब विश्वविद्यालय परिसर में गांधी जयंती मनाई जाए सकती है तो फिर बहुजन नायक कांशीराम की पुण्यतिथि क्यों नहीं मनाई जा सकती ? इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि जब प्रशासन की अनुमति से विश्वविद्यालय परिसर में सांप्रदायिक और जातिवादी संगठन आर एस एस की शाखाएं लग सकती हैं तो फिर बहुजन चेतना के लिए काम करने वाले मान्यवर कांशीराम की जयंती क्यों नहीं मनाई जा सकती ?

गौरतलब है कि छात्र पक्ष का दावा है कि सभी छः छात्र दलित पिछड़े समाज से हैं इसलिए भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। इस तर्क के पक्ष में जातिवर्ग मेंशन करते हुए उन्होंने पोस्टर भी जारी किया है।

कांशीराम की जयंती मनाने के साथ ही इन छात्रों ने पीएम मोदी को पत्र लिखा था। क्योंकि पीएम मोदी को पत्र लिखने वाले दर्जनों मशहूर हस्तियों पर राजद्रोह के मुकदमे की खबर आ रही थी। जिससे नाराज होते हुई इन छात्रों ने अपनी तरफ से पत्र लिखा था।

आरोप चाहे कांशीराम की जयंती मनाने का हो या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने का, दोनों ही किसी छात्र को अपराधी नहीं साबित करते हैं तो विश्वविद्यालय प्रशासन की कोड एंड कंडक्ट वाली दलील अपने आप खोखली लगती है।

अब सवाल उठने लगा है कि क्या जो देशभर में माहौल है वही विश्वविद्यालयों के परिसर में भी प्रैक्टिस किया जाने लगा है ? विरोध में उठने वाली हर आवाज को दबाने की कोशिश की जाने लगी है?

और अगर ऐसा किया जा रहा है तो फिर निसंदेह है विश्वविद्यालयों को बर्बाद किया जा रहा है।