उन्नाव गैंगरेप पीड़िता पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे के मामले में बीजेपी विधायक और उसके भाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। लेकिन अभी तक इस मामले पर बीजेपी के किसी भी सांसद की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। बीजेपी महिला सांसदों और नेताओं की इसी चुप्पी पर अब सवाल उठने लगे हैं।

पत्रकार साक्षी जोशी ने ट्विटर के ज़रिए कहा, “ताज्जुब होता है. संसद में आज़म खान की आंखों में देखते रहने की बात से सारी महिला सांसद आवाज़ उठाती हैं, पुरुष सांसद महिला का अपमान नहीं सहेंगे की दुहाई देते हैं… और संसद के बाहर एक रेप पीड़िता का पूरा परिवार खत्म हो गया, आरोपी बीजेपी MLA है इसलिए चूं तक नहीं निकल रही”। 

दरअसल उन्नाव गैंगरेप पीड़िता पर हुए हमले पर पीड़िता की माँ ने आरोप लगाया था कि इस एक्सीडेंट का ज़िम्मेदार बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसके लोग है। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले पर कार्रवाई करते हुए कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

बता दें कि रविवार को रायबरेली स्थित गुरबख्श गंज इलाके में एक ट्रक ने उन्नाव गैंगरेप पीड़िता की कार को टक्कर मार दी थी। हादसे में पीड़िता की मां और चाची की मौत हो गई। जबकि पीड़िता की हालत बेहद नाजुक है। उसे इलाज के लिए लखनऊ ट्रामा सेंटर भेजा गया है। पीड़िता के वकील की भी हालत नाजुक बनी हुई है।

गौरतलब है कि उन्नाव गैंगरेप पीड़िता ने आरोप लगाया था कि बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर ने उसके साथ 4 जून, 2017 को अपने आवास पर दुष्कर्म किया था। जहां वो अपने एक रिश्तेदार के साथ नौकरी मांगने के लिए गई थी। जिसके बाद सेंगर के खिलाफ उन्नाव के माखी थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

शासन ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा की थी, जिसे एजेंसी ने स्वीकार कर लिया था। बता दें कि उन्नाव के अलग-अलग विधानसभा सीटों से चार बार विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर और उनके भाई अतुल सिंह इस मामले में 2018 से जेल में हैं।