‘गांधी के हत्यारे को मंद मंद पूजने वाले संसद में बहुत पहले चले गए थे, गाँधी से अंदर ही अंदर घृणा करने वाले दो-तीन बार से पहुँच रहे थे, इस बार खुलेआम गांधी को गाली देनेवाले आतंकवादी माननीय हो गए! शुक्र है गोडसे मर गया वर्ना दक्षिणपंथ के मजबूत होने से गोडसे भी इस बार संसद में होता!’

ये बयान है बिहार की मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल का। जिसने ये बात चुनावी नतीजों के बाद कही। ये बयान है भोपाल से जीती प्रज्ञा ठाकुर पर जिनपर मालेगांव ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप लग चुका है। साथ ही उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कई ऐसे बयान दिए जिसकी पूरे चुनाव में जमकर चर्चा हुई थी।

अब ये प्रस्ताव नहीं हकीक़त है की प्रज्ञा ठाकुर अब संसद पहुंचेगी। वो भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को हरा संसद में अपनी जगह बनाने में सफल रही। ये वही प्रज्ञा ठाकुर है जिन्होंने शहीद हेमंत करकरे पर विवादित टिप्पणी की थी और साथ ही नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था।

बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को 3 लाख 64 हजार 822 मतों से करारी शिकस्त दी। देर रात जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें जीत का प्रमाण-पत्र दिया। कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न मनाया।