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मोदी सरकार का कार्यकाल खत्म होने वाला। आचार सहिंता लागू हो चुकी है। अगले महीने से लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होंगे। लेकिन प्रधानमंत्री ने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं किया। बात-बात पर रिकॉर्ड बनाने की बात करने वाली मोदी सरकार को अपने रिकॉर्ड में इसे भी शामिल करना चाहिए।

एक दिन में 5-5 रैली करने वाले पीएम मोदी, बांहे फैला कर मंच से गरजने वाले पीएम मोदी, आखिर प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं कर पाए? क्या नरेंद्र मोदी को लाइव कैमरा पर मीडिया के सवालों से डर लगता है? शायद लाइव से ही डरते हैं क्योंकि Recorded Interview तो अपने कुछ चहेते पत्रकारों को दिया ही है।

लेकिन एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार को नहीं। जबकि रवीश ने कई सोशल मीडिया पर लिखकर पीएम मोदी को लाइव इंटरव्यू के लिए चैलेंज किया। इंटरव्यू तो दूर की बात है बीजेपी अपने प्रवक्ताओं को भी अब एनडीटीवी या रवीश के शो पर नहीं भेजती। क्या रवीश कुमार के सवालों से डरती है मोदी सरकार?

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सोचिए जरा, लाइव इंटरव्यू के लिए चैलेंज करने वाले रवीश कुमार को अगर प्रधानमंत्री मोदी ने इंटरव्यू दे दिया तो वो क्या सवाल पूछेंगे?

इस सवाल का जवाब रवीश ने ‘न्यूज क्लिक’ से बात करते हुए दिया है। रवीश से बाचतीच करते हुए न्यूज क्लिक के पत्रकार ने पूछा कि अगर पीएम उन्हें अपना इंटरव्यू देने को तैयार हो जाएं तो वे उनसे क्या सवाल-जवाब करेंगे?

रवीश ने इस सवाल का जवाब देते हुए बिना किसी घुमावदार बातों और किसी अतिशयोक्ति के साफ़-साफ़ कहा कि वे पीएम नरेंद्र मोदी से पूछते की आप इतना झूठ क्यों बोलते हैं?

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रवीश कुमार काफी समय से सरकार द्वारा बोले गए झूठ और घोटालों का पर्दाफाश करते रहे है। शायद यही वजह है कि वो एनटीवी या रवीश कुमार से बात तो नहीं करते लेकिन सत्ता तारीफ में कसीदे पढ़ने वाले न्यूज चैनलों को इंटरव्यू देते रहते हैं।

मोदी के मंत्री जैसे अरुण जेटली और स्मृति ईरानी टीवी चैनलों के चर्चित चेहरे है। आप लगभग हर मुद्दे पर सरकार की ओर से इन्हे सफाई देते हुए देख सकते है, रवीश के चैनल एनडीटीवी के सिवा। बीजेपी के कई प्रवक्ता भी आए दिन किसी न किसी न्यूज़ चैनल की डिबेट में चिल्लाते दिख जाते है लेकिन रवीश के शो पर नहीं जाते।