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सोशल मीडिया पर इन दिनों जम्मू-कश्मीर में सेना द्वारा पैलेट गन का शिकार हुई 20 महीने की मासूम हिबा की तस्वीर ख़ूब शेयर की जा रही है।

इस तस्वीर को शेयर करने के साथ ही सवाल भी पूछा जा रहा है कि आख़िर इस मासूम का क्या कसूर था जो सेना ने इसे अपना निशाना बनाया।

इसी तस्वीर को अब लेखक एवं समाजसेवी डॉ राम पुनियानी ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया है। उन्होंने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा,

संविधान दिवस पर कश्मीर से आई दर्दनाक तस्वीर, माँ बोली- मेरे बच्चे पर क्यों चलाई गई पैलेट गन?

“जैंसे कि कट्टर हिन्दू संगठनों के निशाने पर मुसलमान उसी तरह “पैलेट गन” के निशाने पर भी हमेशा मुसलमान ही रहते हैं! “पैलेट गन” का भी नाम बदलकर “राष्ट्रवादी आँख फोड़ गन” रख दो”!

दरअसल रविवार की सुबह एक एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबलों और स्थानीय लोगों के बीच झड़प हुई। जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और 50 अन्य लोग घायल हो गए। सेना ने झड़प के दौरान स्थानीय लोगों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया, जिसमें हिबा और उसकी माँ भी घायल हो गई।

हिबा की माँ ने अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि जब हम घर के अंदर थे और बाहर आसूं गैस के गोले छोड़े जा रहे, एक वक़्त ऐसा आया जब गैस के चलते मेरे 5 साल के बच्चे का सांस लेना मुश्किल हो गई तो मैंने दरवाजा खोला तो तीन सुरक्षाकर्मी ने सीधे हमारे ऊपर पेलेट गन से हमला कर दिया जो 20 महीने के बच्चे की दाई आँख पर जा लगी।

इस घटना के बाद बच्चे को शोपिया के एक अस्पताल में ले जाया गया फिर वहां से उसे श्रीनगर रेफर कर दिया गया। इस हमले पर हिबा की माँ मार्शल जान ने कहा- उसके हाथ भी पैलेट गन की वजह से जख्मी हो गए।

उन्होंने ये भी कहा कि मैंने हिबा के चेहरे को बचाने के लिए उसके ऊपर हाथ नहीं रखा होता तो उसका चेहरा पूरी तरह से ख़राब हो जाता।

फिलहाल बच्ची का इलाज श्रीनगर के महाराजा हरि सिंह अस्पताल के ऑपथैल्मोलॉजी डिपार्टमेंट में चल रहा है। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताई है। साथ ही ये भी कहा है कि क्योंकि बच्चे को चोट आँख पर लगी है, तो इससे उसकी आँखों की रौशनी जाने का भी खतरा है।

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