‘पूरा विपक्ष इस्तीफा दे और दोबारा बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। मैंने राहुल गांधी से कहा कि मैं इस्तीफा देने वाला पहला व्यक्ति रहूंगा। आज की स्थिति अंग्रेजों से भी ज्यादा खराब हो गई है।’ ऐसा कहना है समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान का जिन्होंने ये बात ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से होने की बात कही।

दरअसल संसद परिसर में बीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। जिसमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसदों ने हिस्सा लिया।

इससे पहले मंगलवार को कर्नाटक सरकार में आए राजनीतिक संकट पर कांग्रेस और द्रमुक सहित प्रमुख विपक्षी दलों ने मंगलवार को लोकसभा में हंगामा किया था। कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के कई विधायकों ने इस्तीफा देकर गठबंधन सरकार को संकट में डाल दिया है।

अब आजम खान के बयान पर नज़र डाले तो वो पहले ऐसे नेता नहीं है जिन्होंने ये बात कही हो। इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे भी ऐसी मांग कर चुके है।

ठाकरे ने बयान देते हुए कहा था कि मैं चुनाव आयोग से अपील करता हूं कि दोबारा बेलेट पेपर से चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरु की जाए, साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव इस बार बेलेट पेपर के जरिये ही करवाएं जाएं।