उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ में इन दिनों कानून व्यवस्था चरमराई हुई है। 17 जुलाई को सोनभद्र में 10 लोगों को दिनदहाड़े गोलियों से भून कर नरसंहार किया गया। बीते रविवार उन्नाव पीड़िता सहित उसके परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो चुकी है, वहीं पीड़िता और उसके वकील अस्पताल में वेंटीलेटर पर गंभीर हालत में पड़े हैं।

उत्तर प्रदेश में फैले जंगलराज पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस प्रदेश भर में सड़कों पर उतर कर योगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। जबकि पूरे देश से योगी के जंगलराज पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मध्य प्रदेश के खेल मंत्री जीतू पटवारी ने ट्वीट कर बीजेपी की योगी सरकार को अपराधों की प्रयोगशाला बना दिया है। योगी तुरंत इस्तीफा दें।

जीतू ने ट्वीट करके कहा कि, “योगी आदित्यनाथ की सत्ता के कुप्रबंधन ने उत्तर प्रदेश को अपराधों की प्रयोगशाला बना दिया है। बलात्कार, अपरहण, हत्या, सामूहिक हिंसा का जहर उत्तर प्रदेश की हवा को जहरीला कर रहा है। इस कुशासन के साथ योगी आदित्यनाथ को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है।”

उन्नाव गैंगरेप पीड़िता का एक्सीडेंट होने के तीन दिन बाद बुधवार को यूपी के बुलंदशहर में एक और गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया है। बुलंदशहर के कोतवाली इलाके में एक घर में लूटपाट के बाद बदमाशों ने परिजनों को पहले बेखौफ तरीके से बंधक बनाया फिर उसके बाद एक महिला के साथ गैंगरेप किया। यूपी में आए दिन महिलाओं से बतात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं।

‘कानून व्यवस्था’ पढ़ने में भले ही आम शब्द लगे, मगर कानून व्यवस्था से एक पूरा देश और राज्य संचालित होता है। कानून व्यवस्था का बिगड़ने का मतलब पूरे राज्य में अराजकता का फैलना होता है, इसके परिणाम घातक होते हैं।