अब भारत का मेनस्ट्रीम मीडिया पूरी तरह से ‘भगवा’ हो चुका है। जब कभी भगवा को कटघरे में खड़ा किया जाता है, मीडिया उसके बचाव में उतर आता है। मीडिया भगवाधारियों के कुकर्मों पर पर्दा डालने के लिए सवाल उठाने वालों पर ही हमलावर हो जाता है।

ऐसा ही नज़ारा अब ‘आजतक’ के शो ‘दंगल’ में देखने को मिला। जहां कांग्रेस महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह को रेप के आरोपी भगवाधारी बीजेपी के पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद की आलोचना करने के लिए जमकर लताड़ा गया। शो में दिग्विजय सिंह पर इस तरह सवाल खड़े किए गए जैसे रेप के आरोपी चिन्मयानंद नहीं बल्कि वह ख़ुद हैं।

दरअसल, दिग्विजय सिंह ने भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान चिन्मयानंद पर निशाना साधते हुए कह दिया कि भगवा वस्त्र पहनकर बलात्कार किए जा रहे हैं। मंदिरों में बलात्कार हो रहें है। क्या यही है हमारा धर्म? जो हमारे सनातन धर्म को बदनाम कर रहा है, उसे भगवान भी माफ नहीं करेगा।

दिग्विजय सिंह का ये बयान भले ही उन लोगों को समझ में आ गया, जो बदनाम करने का अर्थ समझते हैं। लेकिन मीडिया ने इस बयान को भगवा और हिंदू धर्म को ही बदनाम करने वाला बना दिया। मीडिया उनपर ही हिंदू धर्म को बदनाम करने का आरोप लगाने लगी।

दिग्विजय सिंह को घेरने के लिए आजतक के शो दंगल का टाइटल रखा गया, ‘भगवा-भगवा करते हो… भगवा से क्यों डरते हो?’ लेकिन सवाल यही उठता है कि भगवा का आख़िर डर क्यों दिखाया जा रहा है, वो भी एक राष्ट्रीय चैनल से। क्या ये खुले तौर पर अल्पसंख्यकों की बात करने वालों को बहुसंख्यकवाद का डर दिखाने जैसा नहीं है।

शो के पोस्टर को ट्विटर पर शेयर करते हुए शो के एंकर रोहित सरदाना ने लिखा, “रेप के बहाने, फिर हिंदुओं पर निशाने? ‘भगवा आतंकवाद’ पर हारे तो ‘भगवा रेप’ के सहारे ? रेप में धर्म का सवाल, दिग्विजय का नया बवाल। भगवा-भगवा करते हो, भगवा से क्यों डरते हो?” 

रोहित सरदाना के इस ट्वीट को देखकर ही इस बात का साफ़ तौर पर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि इस शो का मकसद क्या है। शो के ज़रिए ये साबित करने की कोशिश की गई है कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस हिंदू विरोधी है। जो भगवा आतंकवाद के मुद्दे पर पूरी तरह से ग़लत साबित हो चुकी है, इसलिए वह अब रेप को भगवा से जोड़ने की कोशिश कर रही है। यानी रेप में धर्म को तलाश रही है।

अब सवाल ये उठता है कि जब दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में पहले ही ये साफ़ कर दिया है कि भगवा कपड़े पहनकर इस तरह के कुकर्मों को इसलिए अंजाम दिया जा रहा है ताकि हिंदू धर्म को बदनाम किया जा सके। जबकि हिंदू धर्म ये नहीं है। यानी सवाल सीधे तौर पर उन लोगों से है जो भगवा की आड़ में रेप जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

ऐसे में चैनल का मुख्य सवाल को छुपा कर कथित तौर पर भगवा पर हमले को प्राथमिकता देना, इस बात को साबित करता है कि चैनल आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहा है। चैनल नहीं चाहता कि चिन्मयानंद के जुर्म पर चर्चा हो, इसीलिए वह दिग्विजय के बयान को हिंदू विरोधी एंगल देकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

By: Asif Raza