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जम्मू कश्मीर के शोपियां के रहने वाले 14 साल के इरफ़ान रमज़ाम शेख को राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को राष्‍ट्रपति भवन में शौर्य चक्र से सम्‍मानित किया। उन्हें यह सम्मान आतंकियों का डटकर सामना करने के लिए दिया गया है।

इरफान को शौर्य चक्र से सम्‍मानित किए जाने पर बीजेपी के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा,

“इस बीच, गौरव! शानदार रूप से साहसी, 16 वर्षीय इरफान रमज़ान शेख को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा उसकी बहादुरी और साहस के लिए सम्मानित किया गया। उसने कश्मीर में अपने घर को आतंकी हमले से बचाया था। भारत को आप पर गर्व है। भगवान भला करे!”

इरफान ने 2017 में 14 साल की उम्र में उसके घर पर तीन आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले को नाकाम किया था। दरअसल 16-17 अक्टूबर 2017 को आतंकियों ने राजनीतिक कार्यकर्ता रमजान शेख के घर को घेर लिया। तब उनके 14 साल के बड़े बेटे ने इरफान रमजान शेख ने दरवाजा खोला तो देखा कि उनके घर के बरामदे में एके राइफल और ग्रेनेड के साथ तीन आतंकवादी खड़े थे। इरफान ने अपने परिवार पर खतरे को भांपाते हुए साहस दिखाया और उन्हें अपने घर में घुसने नहीं दिया।

इसी बीच इरफान के पिता रमजान शेख घर से बाहर निकले तो आतंकवादी उनपर टूट पड़े। इसके बाद इरफान ने अपने पिता और परिवार के सदस्यों को बचाने के लिए आतंकियों का सामना किया। इस बीच आतंकवादियों के अंधाधुंध गोलीबारी में रमजान शेख बुरी तरह घायल हो गए।

इसके बाद भी इरफान ने हिम्मत नहीं हारी और उस आतंकी से भिड़ गए जिसने पिता पर गोली चलाई थी। इरफान ने उस आतंकी को बुरी तरह से घायल कर दिया। इरफान के इस अद्भुत साहस को देखते हुए आतंकियों को वहां से भागना पड़ा।