2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफे का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर छात्र इकाई तक तमाम पदाधिकारी हार की जिम्मेदारी ले रहे हैं।

क्योंकि राहुल गांधी सबसे बड़े और सबसे जिम्मेदार पद पर थे, तो सबसे पहले हार की जिम्मेदारी भी उन्होंने ही ली। राहुल गांधी के इस्तीफे को स्वीकार करने के लिए कांग्रेस तैयार नहीं दिख रही थी लेकिन वो अपनी जिद पर अड़े रहे, आखिरकार पार्टी को बात माननी पड़ी और इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा।

इस्तीफे के बाद भी कांग्रेस में लोगों की दो राय रही।

एक तरफ राहुल गांधी के इस्तीफे से निराश हुए लोग ये उम्मीद करते रहे कि उनकी भावनाओं की कद्र करते हुए फिर से वो सबसे बड़ी जिम्मेदारी का पद वापस लेंगे। वहीं दूसरी तरफ तमाम पदाधिकारियों ने राहुल गांधी की तरह ही हार की जिम्मेदारी लेना ठीक समझा।

इसी सिलसिले में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की NSUI यूनिट के अध्यक्ष विकास यादव ने इस्तीफा दे दिया।

अपने इस्तीफे की कॉपी ट्विटर पर शेयर करते हुए विकास यादव ने लिखा- राहुल गांधी के समर्थन में मेरा इस्तीफा और हैश टैग लगाया-#StandwithRahulji

 

गौरतलब है कि विकास यादव कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई से एक लंबे दौर से जुड़े रहे हैं। बीते वर्ष जेएनयू छात्रसंघ का चुनाव लड़ने वाले विकास यादव ने कई विरोध प्रदर्शनों में एनएसयूआई की अगुवाई की है।

इस्तीफे वाले पत्र में विकास ने दावा किया है कि उनके ही निवेदन पर राहुल गांधी ने एक बड़ा रिस्क लिया था, जब 2016 वाले मामले में जे एन यू शट डाउन कैंपेन के दौरान वह JNU जाकर छात्रों के साथ खड़े हुए थे।

इस्तीफे में विकास यादव ने लिखा है- 2019 लोकसभा चुनाव में मिली हार की जिम्मेदारियों को मैं भी साझा करता हूं और भारत और संविधान बचाने की लड़ाई में राहुल गांधी के साथ जुड़ रहा हूं। इसलिए मैं एनएसयूआई JNU की दिल्ली यूनिट प्रदेश के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं।

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