• 5.2K
    Shares

गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने समीर खान पठान एनकाउंटर मामले में हुए ख़ुलासे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए मुसलमानों की फर्जी मुठभेडो में हत्या कर दी जाती है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “मोदी जी के चुनावी फायदे के लिए मुसलमानों की फर्जी मुठभेडो में हत्या कर दी जाती। और इन हत्याओं को जस्टिफाई करने के लिए पुलिस कहती- ‘साहब को मारने के लिए आ रहे थे’..

जस्टिस बेदी कमेटी: मोदी के CM रहते ‘एनकाउंटर’ नहीं मुस्लिमों का ‘क़त्ल’ हो रहा था, पुलिसवालों पर चले मुकदमा

यही कहानी 2002 में मारे गए समीर खान पठान एनकाउंटर की रही जिसे अब जस्टिस बेदी ने ‘कोल्ड-ब्लडेड मर्डर’ करार दिया है”।

बता दें कि नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते गुजरात में साल 2002 से 2006 के बीच हुए एनकाउंटर्स की जांच के लिए गठित की गई जस्टिस एचएस बेदी कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 17 में 3 एनकाउंटर्स फ़र्ज़ी थे।

जस्टिस बेदी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने कहा है कि, गुजरात पुलिस ने समीर ख़ान, हाजी इस्माइल, कासिम जफ़र की फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हत्या की। जस्टिस बेदी की रिपोर्ट में 22 अक्टूबर, 2002 को समीर खान पठान की मौत को नृशंस हत्या भी बताया गया है।

योगी की पुलिस एक तीर से दो निशाने लगा रही है, दलित को मारकर इल्ज़ाम मुसलमान पर डाल रही हैः राम पुनियानी

तब डीसीपी डीजी वंजारा के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच ने फर्ज़ी मुठभेड़ में समीर पठान की हत्या कर दी थी। पुलिस ने पठान को जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेटिव बताया जिसने पाकिस्तान में हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली।

पुलिस ने समीर पठान के एनकाउंटर के बाद यह भी बताया था कि वह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने वाली टीम का हिस्सा था।