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बुलंदशहर हिंसा के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है। विपक्षी पार्टी के नेताओं से लेकर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों तक का यह मानना है कि सीएम योगी के प्रोत्साहन की वजह से कथित गोरक्षक लोगों की जान ले रहे हैं।

इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की बहन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिर्फ गाय-गाय करते हैं, जिसके नतीजे में गोरक्षा के नाम पर उनके भाई की हत्या कर दी गई। सीएम योगी से नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि अगर सीएम योगी को गोरक्षा की इतनी ही चिंता है तो वे खुद क्यों नहीं गोरक्षा करके दिखाते हैं?

इसके साथ ही सुबोध की बहन ने योगी की पुलिस पर भी संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की मिलीभगत से उनके भाई की हत्या की गई है। उनके भाई को इसलिए मारा गया क्योंकि वह अखलाक लिंचिंग केस का जांच अधिकारी था।

इंस्पेक्टर सुबोध की बहन का आरोप- अखलाक केस में जांच अधिकारी था मेरा भाई, इसलिए उसे साज़िश के तहत मार दिया गया

सुबोध की बहन ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि उनके भाई को अकेला क्यों छोड़ा गया? उन्होंने सवाल किया कि भाई के साथ मौजूद दरोगा और ड्राइवर जीप में भाई को अकेला छोड़कर कहां चले गए थे?

इंस्पेक्टर की बहन ने कहा कि उनके भाई की हत्या साज़िश के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि उनका भाई अखलाक लिंचिंग केस में जांच अधिकारी रह चुका है इसलिए उसकी हत्या की साज़िश की गई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई की हत्या में पुलिस भई मिली हुई थी।

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सुबोध की बहन ने सरकार से मांग की है कि उनके भाई को शहीद का दर्जा दिया जाए। एटा के पैतृक गांव में उनका शहीद स्मारक बनाया जाए। सुबोध की बहन ने कहा कि हमारे पिता भी ऐसे ही ड्यूटी करने के दौरान गोली लगने से शहीद हुए थे। हम लोग बहुत बहादुर हैं।