बिहार की सियासत एक बार फिर करवट बदल सकती है। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण के पहले जेडीयू ने बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगा है। जेडीयू की ये मांग पुरानी है लेकिन बीजेपी के साथ गठबंधन के बाद इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली गई थी।

अब चुनाव के अंतिम पराव में इस मांग को उठाना राजनीतिक विश्लेषकों को नए संकेत दे रहा है। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक और मेनस्ट्रीम मीडिया से लेकर न्यू मीडिया तक में यह चर्चा तेज है कि नीतीश कुमार एक बार फिर पाला बदल सकते हैं।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद के ताजा बयान ने पाला बदलने की संभावना को ज्यादा प्रबल कर दिया है। बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए बिहार दौरे पर आए वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव बाद नीतीश कुमार जैसे कई नेता गैर बीजेपी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को सहयोग दे सकते हैं।

गुलाम नबी आजाद ने कहा ‘एक विचारधारा है, गैर-एनडीए या गैर-बीजेपी विचारधारा, क्योंकि एनडीए में भी कुछ घटक ऐसे हैं, जिनके विचार बीजेपी से नहीं मिलते। पर वे सत्ता की वजह से या फिर और अपनी और मजबूरियों से साथ हैं। इनमें अकाली दल और शायद नीतीश कुमार भी हो सकते हैं। एक और दल भी है, जो बीजेपी की विचारधारा से नहीं है, लेकिन एनडीए में है।’

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https://youtu.be/HXN7ajGAvIk