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बीजेपी का दावा है कि योगी आदित्यनाथ की वजह से उत्तर प्रदेश में रामराज आ गया है। ये दावा बिल्कुल सही है। क्योंकि असमानता की जो पराकाष्ठा उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रही है वो रामराज में ही संभव है।

रामराज में ही तपस्या कर रहे शम्बूक (शुद्र) का ‘वध’ संभव है और योगीराज में ही मंदिर जा रहे एक दलित की हत्या। जैस राम के राज में तपस्या करने मात्र से शम्बूक की हत्या कर दी गई थी। वैसे ही योगीराज में मंदिर प्रवेश करने मात्र से एक बुजुर्ग दलित की हत्या कर दी गई है।

घटना उत्तर प्रदेश के हमीरपुर की है। यहां एक 90 वर्षीय बुजुर्ग को गांव के कथित ऊंची जाति के दबंग ने काट कर जला दिया। दलित बुजुर्ग की ‘गलती’ सिर्फ इतनी थी कि वो मंदिर में प्रवेश करने जा रहे थे।

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संजय नाम के सवर्ण ने पहले दलित बुजुर्ग को मंदिर जाने से रोका। लेकिन जब वो नहीं माने तो आरोपी ने बुजुर्ग को कुल्हाड़ी से काट दिया। इतनी ही नहीं इसके बाद शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर जला भी दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हमीरपुर के इस गांव में दलितों का मंदिर में प्रवेश वर्जित है। मृत बुजुर्ग तीर्थ के लिए जाने वाले थें और इसलिए अंतिम बार भगवान के दर्शन करना चाहता थें। लेकिन क्या फायदा ऐसे धर्म का जिसने उन्हें शुद्र बनाया और उसकी वजह से उनकी हत्या हो गयी।

ख़ैर, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी गिरफ्तार हो चुका है। गौरतलब है कि ये घटना 21वीं सदी के भारत की है। सवर्ण समुदाय के सामंती अब ये दावा करते हैं कि समाज से जातिवाद खत्म हो चुका है इसलिए आरक्षण खत्म हो जाना चाहिए।

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