लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण के मतदान खत्म होने के साथ ही देशभर में EVM का खेल शुरू हो गया है। आरोप है कि जगह-जगह स्ट्रांग रूम में बीजेपी कार्यकर्ता प्रशाशन की मदद से नई ईवीएम मशीनें ला रहे हैं, जिससे की 23 मई को आने वाले परिणामों में धांधली की जा सके।

बिहार के सारण और महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र में ईवीएम के साथ धांधली करने का मामला सामने आए है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी है।

चुनाव आयोग के कब्ज़े से 19 लाख EVM ग़ायब, क्या चुनाव में बड़े खेल की है तैयारी?

ट्वीट के मुताबिक, “सारण और महाराजगंज में स्ट्रांग रूम के आस-पास EVM मशीनों से भरी गाडियां मंडरा रही हैं। ईवीएम से भरी एक गाड़ी स्ट्रांग रूम के अंदर घुसने का प्रयास कर रही थी।”

“गाड़ी को स्ट्रांग रूम में घुसते हुए पकड़ लिया। साथ में सदर BDO अधिकारी भी मौजूद थे जिनके पास इसका जवाब नहीं है। सवाल उठाना लाजिमी है? छपरा प्रसासन का कैसा खेल?”

ऐसी ही घटना यूपी के चंदौली लोकसभा क्षेत्र जहाँ से यूपी बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र नाथ पाण्डेय उम्मीदवार हैं। EVM से भरी गाडियां स्ट्रांग रूम के आस-पास मंडरा रही हैं। सपा का आरोप है कि इस काम में जिला प्रशासन बीजेपी का भरपूर साथ दे रहा है।

बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई से यह बात सामने आई है कि 19 लाख़ EVM चुनाव आयोग के कब्ज़े से ग़ायब हैं। यह ईवीएम कहां हैं, इस बारे में किसी के पास कोई जानकारी नहीं है। जो भी हो विपक्ष के आरोप में दम दिखाई देता है कि ईवीएम को लेकर परिणामों में ज़रूर कोई बड़ा खेल हो सकता है।