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बीजेपी की लोकसभा चुनाव के लिए पहली लिस्ट आ गई है। इस लिस्ट में जो सबसे चौकाने वाली बात है, वो है BJP को 2 सीट से 282 सीट तक पहुँचाने वाले लाल कृष्ण आडवाणी को इस बार पार्टी से सांसदी का टिकट नहीं मिलना। इसी के साथ आडवाणी के चुनाव में न उतरने से उनकी चुनावी राजनीति का अंत समझा जा रहा है।

1998 से आडवाणी गुजरात के गांधीनगर से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे हैं और जीतकर संसद पहुंचते रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ साल से हाशिए पर चल रहे आडवाणी को इस बार BJP से परमानेंट विदाई दे दी गई है। गुजरात से आडवाणी का टिकट कट चुका है, अब उनकी जगह वहां से अमित शाह चुनाव लड़ने वाले हैं।

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इस लिस्ट की दूसरी चौकाने वाली बात ये है कि कभी चुनाव न जीतने वाली केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को BJP ने एक बार फिर अमेठी से टिकट दिया है।

यह बीजेपी का पिछले 30 सालों में ऐसा पहला चुनाव होगा जब वह आडवाणी के बिना ही चुनावी मैदान में उतरेगी। एक समय ऐसा था जब आडवाणी खुद उम्मीदवारों को टिकट बांटते थे, आज उन्हें खुद उनकी ही पार्टी ने टिकट नहीं दिया।

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एक समय ऐसा था जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह आडवाणी की छत्रछाया में राजनीति करते थे। मगर अब अमित शाह की छत्रछाया में आडवाणी को किनारे कर दिया गया। पार्टी के पितामह कहे जाने वाले आडवाणी का शायद राजनीतिक अंत होने वाला है।

हालांकि अभी सिर्फ 184 सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा हुई है। बीजेपी ने अपनी तरफ से आडवाणी को टिकट न देने की बात नहीं कही है।