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देश में 50 प्रतिशत प्याज का उत्पादन महाराष्ट्र के नासिक जिले में होता है। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में उत्पादन करके भी यहां के किसान पूरी तरह से बर्बाद हैं।

ताजा मामला नासिक जिले के निफाड तहसील का है। यहां संजय साठे को अपनी 750 किलो प्याज को महज 1.40 रुपये किलो के हिसाब से बेचने पर मजबूर होना पड़ा है। संजय साठे को 4 महीने की कड़ी महनत के बाद ऊगाई गई प्याज के महज 1064 रुपये ही मिले।

कम दाम मिलने से नाराज साठे ने भी सरकार के खिलाफ एक नए अंदाज़ में अपना विरोध दर्ज कराया है। साठे ने प्याज बेचकर मिली इस रकम को प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिया है।

संजय साठे कहते हैं कि चार महीने के परिश्रम की मुझे ये कीमत मिली। मैंने 1064 रूपये प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के आपदा राहत कोष में दान कर दिये हैं। मुझे यह राशि मनी ऑर्डर से भेजने के लिए भी 54 रूपये अलग से खर्च करने पड़े’।

उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं किसी राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करता, लेकिन दिक्कतों के प्रति सरकार की उदासीनता से नाराज हूं’।

संजय साठे ने अपना यह मनीऑडर गत 29 नवंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजा था। साथ ही इसे ‘नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री’ को संबोधित किया गया है।

संजय साठे बताते हैं कि 1.40 के लिए भी उन्हें व्यापारी से काफी मोल-भाव करना पड़ा। पहले प्याज की कीमत 1 रुपये किलो के हिसाब से ही लगायी गई थी।

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