‘लोग अच्छा काम करने पर गायत्री मंत्र बोलते हैं, लेकिन सपा-कांग्रेस वाले गायत्री प्रजापति मंत्र बोल रहे हैं। एक बेटी न्याय मांग रही है और मुख्यमंत्री गुनहगार की रक्षा कर रहे हैं।’ ये प्रधानमंत्री मोदी का बयान है जो उन्होंने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था। उन्होंने उस दौरान गायत्री प्रजापति पर लगे यौन शोषण के मामले पर जमकर सुर्खियां बटोरी थी।

अब जब 2 साल बाद उन्हीं के कैबिनेट में मंत्री रहें स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगा तो अब पीएम मोदी ने मौन धारण कर लिया है। गौर करने वाली बात ये है कि छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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जिसमें पीड़िता का कहना है कि करीब एक साल तक स्वामी चिन्मयानंद ने उसका यौ न शोषण किया। छात्रा ने शाहजहांपुर पुलिस और जिला प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा की तरफ से मामले में एसआईटी की तरफ से एक पेन ड्राइव भी दी गई है। जिसमें स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ सुबूत होने का दावा किया गया है।

इतना मामला हो जाने के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी और खुद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर चुप्पी नहीं तोड़ी है, और ना ही इस मामले में अभी तक गायत्री प्रजापति की तरह स्वामी की गिरफ़्तारी हो पाई है। ऐसे में इन बेटियों का हाल लेने के कौन सा नेता खड़ा होगा? जैसे पीएम मोदी ने चुनाव के एक बेटी के इंसाफ के लिए गुहार लगाई थी।

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बता दें कि अटल सरकार में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रहे स्वामी चिन्मयानंद पर बदायूं निवासी उनकी एक शिष्या ने साल 2011 में हरिद्वार स्थित आश्रम में बंधक बनाकर रेप का आरोप लगाया था। साध्वी की शिकायत पर 30 नवंबर, 2011 को स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ शाहजहांपुर कोतवाली में रेप और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया गया था।