फोटो साभार- ANI

इसी साल जून महीने में झारखंड में हुई तबरेज अंसारी की लिंचिंग मामले में अब नया ट्विस्ट आ गया है। चोरी के आरोप में लिंच किये गए तबरेज की रिपोर्ट आ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तबरेज की मौत पीटने से नहीं बल्कि दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। यही नहीं अब 11 आरोपियों पर लगी धारा 302 भी हटाई जा सकती है।

दरअसल बीते 17 जून की रात को झारखंड के सरायकेला जिले के कदमडीह गांव के रहने वाले तबरेज़ को भीड़ ने जमकर पीटा था। अब जब इसे लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें कहा गया कि तबरेज़ की मौत तनाव और दिल के दौरे पड़ने की वजह से हुई थी। यही नहीं पुलिस ने ये भी साफ़ कर दिया है कि तबरेज की मौत क्योंकि दिल का दौरा पड़ने से हुई इस वजह से आरोपियों पर धारा 302 नहीं लगाई जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि जब मौत की वजह दिल का दौरा है तो हम कैसे धारा 302 के आरोपों में आगे बढ़ सकते हैं। मीडिया से बात करते हुए सरायकेला खरसावां के एसपी एस कार्तिक ने कहा कि धारा 302 को गैर इरादतन हत्या की धारा 304 में बदल दिया गया है।

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धारा 304 में भी आजीवन कारावास का प्रावधान है। लेकिन फ़र्क ये है कि आरोपियों को अब फांसी की सज़ा नहीं सुनाई जा सकेगी। हालांकि आरोपियों पर बाकी आरोप बदस्तूर जारी है। धारा 302 हटने का ये मतलब नहीं कि वो बरी हो गए हैं।

तबरेज की पत्नी शाहिस्ता परवीन और अन्य परिवार वालों ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। तबरेज की पत्नी ने कहा कि प्रशासन के प्रभाव में हत्या की धारा (302) बदली गई है। दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है।

परवीन ने कहा कि मेरे पति की हत्या की गई है और इस मामले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब खुद ने पुलिस ने ही आरोपियों के ख़िलाफ़ धारा 302 हटा ली, ऐसे में वो कैसे इंसाफ़ की उम्मीद कर सकते हैं।

बता दें कि जब भीड़ तबरेज़ की पिटाई कर रही थी तो उससे ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ बोलने के लिए कहा गया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो में वायरल हुआ था जिसमें देखा जा सकता था कि कैसे तबरेज़ को एक खंभे के साथ बांधकर पीटे जाता रहा।

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सूचना मिलने पर अगले दिन सुबह पुलिस मौके पर पहुंची। चोरी के आरोप में तबरेज़ को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। तबरेज़ की हालत बिगड़ने के बाद 22 जून को उसने दम तोड़ दिया था।