मंगलवार को कोलकाता में अमित शाह की रैली के दौरान हुई हिंसा में कांग्रेस और टीएमसी के बाद अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी मामले में प्रतिक्रिया दी। मायावती ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि बंगाल में मोदी की दो रैलियां हैं। इसीलिए चुनाव प्रचार पर सुबह से बैन नहीं लगाया गया है। मायावती ने चुनाव आयोग को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग दबाव में आकर पक्षपाती काम कर रहा है। वर्तमान चुनाव आयुक्त लोकसभा चुनाव पूरी तरह से स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से कराने में विफल रहे हैं।

मायावती ने आरोप लगाया कि बंगाल में आए दिन हिंसा की खबरें उड़ती रहती हैं जिसके लिए बीजेपी ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा, ‘ये साफ़ है कि प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी प्रमुख अमित शाह और उनके नेता टीएमसी अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाना बना रहे हैं।’

योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है… यह बेहद खतरनाक और अन्यायपूर्ण ढर्रा है, जो देश के प्रधानमंत्री को शोभा नहीं देता…’ साथ ही मायावती ने कहा कि मोदी सरकार की असफलताओं पर पर्दा डालने के लिए ममता बनर्जी को निशाने पर लिया जा रहा है।

ये है मोदी का न्यू इंडिया, जहां आतंक की आरोपी ‘सांसद’ बन सकती है और गोडसे ‘देशभक्त’ : निधि

बता दें पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। आयोग ने निर्धारित समय से 19 घंटे पहले ही 16 मई गुरुवार रात 10 बजे से किसी भी तरह के चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है। इसके बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पश्चिम बंगाल की दो लोकसभा सीटों- लक्ष्मीकान्तपुर और दमदम में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। कई राजनीतिक दलों ने आयोग के इस फैसले से एतराज जताया है।

आरोप है कि प्रचार पर पाबंदी मोदी की रैली ख़त्म होने के बाद लगाई गई। सांतवे और आखिरी चरण में पश्चिम बंगाल की 9 सीटों पर मतदान किया जाएगा।