मध्य प्रदेश में एक ऐसी घटना घटी है जो किसी भी समाज को शर्मसार कर देगी। ये घटना इंसानी सभ्यता को एक बार फिर से सोचने पर विवश करेगी कि क्या हम वाकई में इंसान हैं?

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के भावखेडी गांव में बुधवार को पंचायत भवन के सामने शौच करने के आरोप में दो दलित बच्चों को दो लोगों ने पीट-पीटकर मार डाला।

सिरसौद पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक आर एस धाकड़ के मुताबिक यह घटना बुधवार सुबह भावखेडी गांव में हुई है।

उन्होंने बताया कि, दोनों बच्चे 12 वर्षीय रोशनी और 10 वर्षीय अविनाश को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रभारी धाकड़ ने बताया कि, आरोपियों की तलाश की जा रही है।

देशभर में मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने लोगों के मन में दहशत पैदा कर दी है। दादरी में अखलाख से शुरू हुई मॉब लिंचिंग की घटना ने अब पूरे देश को अपनी जद में ले लिया है। छोटी सी बात पर लोग झुंड बनाकर किसी की भी हत्या कर दे रहे हैं। जिसको मोदी सरकार और राज्य की सरकारें रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं।

इसपर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती बोलीं- ‘देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों को सरकारी सुविधाओं से काफी वंचित रखने के साथ-साथ उन्हें हर प्रकार की द्वेषपूर्ण जुल्म-ज्यादतियों का शिकार भी बनाया जाता रहा है और ऐसे में मध्य प्रदेश के शिवपूरी में 2 दलित युवकों की नृशंस हत्या अति-दुःखद च अति-निन्दनीय।

 

कांग्रेस व बीजेपी की सरकार बताए कि गरीब दलितों व पिछड़ों आदि के घरों में शौचालय की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई है? यह सच बहुत ही कड़वा है तो फिर खुले में शौच को मजबूर दलित युवकों की पीट-पीट कर हत्या करने वालों को फांसी की सजा अवश्य दिलायी जानी चाहिए।