लोकसभा चुनाव में बीजेपी के कुछ नेता अपने बड़बोले बयानों के लिए चर्चा में आ जाते है। जिनमें एक नेता है गिरिराज सिंह। जिन्होंने पिछले चुनाव में ऐलान कर दिया था कि जो मोदी को वोट नहीं करेगा वो पाकिस्तान चला जाये।

इस बयान के बाद गिरिराज फायर ब्रांड नेता हो गए फिर उन्होंने इस चुनाव में कुछ ज़हर उगला और कहा कि मुस्लिमों को तीन हाथ की जगह चाहिए होती है।

गिरिराज सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने मंच से मुस्लिम समुदाय के लोगों को चेतावनी दी थी कि अगर कब्र के लिए तीन हाथ जगह चाहिए तो इस देश में वंदेमातरम गाना होगा और भारत माता की जय कहना होगा।

इस बयान पर शिकायत भी हुई जिसका फैसला करने वाले चुनाव आयोग को 15 दिन से ज्यादा वक़्त लग गया। चुनाव आयोग ने केन्द्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह को उनके साम्प्रदायिक बयानों के लिये रविवार को चेतावनी दी।

आयोग ने उनके बयान की निंदा करते हुए उन्हें आचार संहिता लागू रहने के दौरान अपने बयानों के लेकर सावधान रहने को कहा। चुनाव आयोग ने कहा कि सिंह ने आचार संहिता के प्रावधानों और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन किया, जिसमें कहा गया है कि प्रचार के दौरान दिये जाने वाले बयानों में धर्म का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

इस फैसले पर आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा- एक अपराधी को रोकने के लिए चुनाव आयोग को लगभग 3 सप्ताह लगते हैं।