स्वामी चिन्मायनंद पर आरोप लगाने वाली पीड़िता एसआईटी जांच से नाराज़ है। उसका कहना है कि SIT को चिन्मयानंद द्वारा दुष्कर्म किए जाने की बात कही थी, इसके बावजूद उस पर हल्की धाराएं लगाई गई हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ, फिर भी चिन्मयानंद पर धारा 376 की जगह 376 C लगाई गई है।

दरअसल एसआईटी ने इस मामले पर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कई अहम बातों का खुलासा किया है। इसके साथ ही एक चौकाने वाली बात ये भी है कि स्वामी चिन्मायनंद पर जो जो धाराएं लगाई गई हैं उसमें बलात्कार की धारा को नहीं जोड़ा गया है।

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चिन्मायनंद पर 376C, 354D, 342, 506 धाराएं लगी हैं, इसी पर आरोप है कि चिन्मयानंद पर एसआईटी ने हल्की धाराएं लगाकर केस को कमजोर करने की कोशिश की है। पीड़िता का कहना है कि एक बलात्कारी को गिरफ्तार करके मर्सिडीज में बैठाकर जेल भेजा गया। ऐसे में वो कैसे इंसाफ की उम्मीद करे।

बता दें कि 376—सी के अलावा चिन्मयानंद पर धारा 354-डी, 342, 506 भी लगाई गई हैं। किसी महिला का पीछा करने के मामले में 354—डी, सदोष किसी महिला को रोकने के लिए 342 और आपराधिक धमकी देने के मामले में 506 में लगाई जाती है।

क्या कहा एसआईटी चीफ ने?

दिल्ली से शिमला और राजस्थान से लेकर हर जगह हमने जांच की। हमने हर जगह की लोकेशन ना सिर्फ डिजिटली बल्कि इस पूरे मामले को स्थापति किया। इसके बाद हमें जो वीडियो प्राप्त हुए उससे हमने मिलाया। इस मिलान के बाद हमारे पास इस बात के पुक्ता सुबूत हो गए इनकी मौजूदगी यहां थी और इस बातचीत में ये लोग भी शामिल थे।

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मैं इसलिए इस दिन का इंतजार कर रहा था कि हमारे पास इस तरह के सुबूत आ जाए। दूसरी वीडियो जो पीड़िता की तरफ से दी गई थी उसे भी स्वामी को दिखाया गया उस वीडियो में मालिश करवाने पर उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने आखिरकार ये माना कि हाँ ये वीडियो में उनकी खुद की फोटो और वीडियो है उन्होंने जो बातें की है कुछ अश्लील बातों का उसमें ज़िक्र था उसे भी स्वामी ने स्वीकार कर लिया है।