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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। सूबे में कहीं पुलिस को भीड़ हिंसा का शिकार होना पड़ रहा है तो आए दिन प्रदेश से रेप, हत्या और लूट की वारदातें सुर्खियां बटोर रही हैं।

ताज़ा मामला प्रतापगढ़ से सामने आया है। जहां दिनदहाड़े बैख़ौफ़ बदमाशों ने बैंककर्मियों को 15 मिनट तक बंधक बनाकर आठ लाख दस हजार की लूट को अंजाम दिया और हथियारों को लहराते हुए मौका-ए-वारदात से फरार हो गए।

यह लूट मंगलवार को मान्धाता कोतवाली के शाहरुआ स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में हुई। बताया जा रहा है कि हथियारों से लैस आधा दर्जन से ज्यादा बदमाश बैंक में अचानक घुस आए। जिसके बाद बदमाशों ने बंदूक के ज़ोर पर बैंककर्मियों को बंधक बनाकर बैंक से तकरीबन आठ लाख कैश लूट लिए।

इस दौरान बदमाशों ने कई बैंककर्मियों को बेरहमी से पीटा और फिर फायरिंग करते हुए फरार हो गए। डकैती की इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। फ़िलहाल पुलिस मौके पर पहुंच गई है और तफ्तीश में जुटी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के सहारे बदमाशों की शिनाख्त करने में जुटी है।

यह पहली बार नहीं है बदमाशों ने प्रतापगढ़ में किसी बैंक को लूटा हो, तीन महीने पहले ही यहां ग्रामीण बैंक में डकैती हुई थी। तब बदमाश बैंक से करीब छह लाख रुपए लूटकर फरार हो गए थे। ऐसा नहीं है कि सिर्फ प्रतापगढ़ में ही लूट की वारदातें हो रही हैं।

इसी साल जुलाई में राजधानी लखनऊ के सबसे सुरक्षित इलाके राजभवन के पास पैसों से भरी वैन को हत्या के बाद लूट लिया गया था। लूट के अलावा सूबे में रेप और हत्या की वारदातें भी कम नहीं।

उन्नाव रेप और मई के महीने में इलाहाबाद में हुई सिलसिलेवार हत्याओं ने तो मेनस्ट्रीम मीडिया में जमकर सुर्खियां बटोरी थीं। वहीं बुलंदशहर की घटना ने तो साबित कर दिया कि योगी के राज में यूपी जंगलराज में तब्दील हो गया है।

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